ही-मार्तम में पीएमएफएमई योजना को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

गेजिंग : गेजिंग जिले के ही-मार्तम ब्लॉक प्रशासनिक केंद्र में बुधवार को सिक्किम सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग विभाग की ओर से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (पीएमएफएमई) को लेकर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों, एसएचजी और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े संभावित लाभार्थियों को योजना के तहत उपलब्ध अवसरों और सहायता की जानकारी देना था। कार्यक्रम में ब्लॉक विकास सोसायटी की अध्यक्ष एवं एसआरएलएम की प्रतिनिधि गीता छेत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। वहीं पंचायत अध्यक्ष बिष्णु माया छेत्री और बीएसी ही-मार्तम के पंचायत निरीक्षक सुरेन छेत्री विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों और स्थानीय उद्यमियों ने भी भाग लिया।

कार्यक्रम में करीब 100 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें एसएचजी, एफपीओ, सहकारी समितियां और संभावित उद्यमी शामिल थे। इस दौरान राज्य के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग विभाग के एसएलपीएम चांजे भूटिया ने पीएमएफएमई और पीएमकेएसवाई योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इनके माध्यम से सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को वित्तीय सहायता, क्षमता निर्माण और विपणन सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।

इससे आय के अवसर बढ़ाने के साथ टिकाऊ आजीविका के निर्माण में मदद मिल सकती है। जिला समन्वयक नवीन शर्मा ने खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उत्पाद की गुणवत्ता, उपभोक्ता विश्वास, बाजार में स्वीकार्यता, उत्पाद के आर्थिक मूल्य, गुणवत्ता, उपयोगिता, भंडारण अवधि और बाजार क्षमता बढ़ाने में मूल्य संवर्धन की भूमिका समझाई।

विभाग के जिला समन्वयक छीनलोप लेप्चा ने प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए पैकेजिंग और लेबलिंग की आवश्यकताओं की जानकारी दी। उन्होंने स्थानीय उद्यमों के लिए एफएसएसएआई के नियमों का पालन अनिवार्य होने की बात भी बताई। सीओएफयू के वरिष्ठ अधिकारी आशीष गुरुंग ने वित्तीय साक्षरता, ऋण आधारित सहायता और उद्यमियों को उपलब्ध अन्य सहयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में पीएमएफएमई योजना के तहत मिलने वाली समग्र सहायता पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि योजना के तहत सहायता केवल वित्तीय सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑनलाइन आवेदन भरने, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने, आवेदन प्रक्रिया, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन और बाजार से जोड़ने तक विभिन्न स्तरों पर मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।

कार्यक्रम की तैयारी और प्रतिभागियों को जोड़ने का कार्य एसआरएलएम की एपीएम सुकुम लिम्बू और बीएसी ही-मार्तम के एपीएम बाल कुमार छेत्री ने किया। कार्यक्रम के माध्यम से कार्यान्वयन एजेंसियों, वित्तीय संस्थानों और स्थानीय समुदाय के बीच संवाद का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने पीएमएफएमई योजना और खाद्य प्रसंस्करण उद्यम स्थापित करने अथवा मौजूदा उद्यमों को मजबूत करने की संभावनाओं को समझा। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने योजना से संबंधित सफलता की कहानियों पर आधारित वीडियो देखे। कार्यक्रम के सफल आयोजन से जमीनी स्तर पर लगातार जागरुकता, लोगों को योजना से जोड़ने और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की आवश्यकता रेखांकित हुई, ताकि सिक्किम के संभावित उद्यमियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।

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