लोकतंत्र में जवाबदेही से बचना देश के लिए अच्छा संकेत नहीं : मल्लिकार्जुन खड़गे

'हमने आर्थिक स्थिति सुधारी, इन्होंने सिर्फ नाम बदले'

नई दिल्ली । भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने सरकार पर मूलभूत अधिकार देने में नाकाम रहने, संसद के प्रति जवाबदेही से बचने और बांटने की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों को कुचल रही है।

तिरंगा फहराने के बाद खड़गे के साथ कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे। खड़गे ने मौजूदा सरकार के कामकाज की तुलना पिछली कांग्रेस सरकारों के काम से की। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकारों के काम को देश निर्माण की विरासत बताया।

खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए भाषण पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार के विकास और बदलाव के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों से जुड़ी कई बड़ी कल्याणकारी योजनाएं संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दौरान बनाई गई थीं। उन्होंने कहा, लाल किले से प्रधानमंत्री हर चीज का श्रेय लेते हैं। यह अच्छा है कि वह यह दावा नहीं करते कि दुनिया केवल उनकी वजह से चल रही है।

उन्होंने लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने का श्रेय भी कांग्रेस को दिया। खड़गे ने दावा किया कि देश ने आज तक जितना विकास किया है, उसमें 90 फीसदी योगदान कांग्रेस का है। उन्होंने कहा, आज देश में जो विकास दिखाई देता है, वह कांग्रेस की वजह से है। आज देश में जो विकास हुआ है, उसमें कांग्रेस का 90 फीसदी योगदान है। हमने लोगों की आर्थिक स्थिति सुधारी, सिर्फ नाम नहीं बदले। लेकिन ये लोग सिर्फ श्रेय लेते हैं। यह ज्यादा समय तक नहीं चलेगा।

कांग्रेस अध्यक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि नेहरू ने आईआईटी, आईआईएम और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के हरित और श्वेत क्रांति को मजबूत करने के प्रयासों और इंदिरा गांधी के 1971 के युद्ध के दौरान रणनीतिक नेतृत्व तथा सिक्किम के भारत में विलय का भी जिक्र किया।

खड़गे ने कहा, आज देश आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है। नेहरू ने आधुनिक, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष भारत की नींव रखी। उन्होंने आईआईटी, आईआईएम और पीएसयू स्थापित किए। नेहरू ने देश के लिए बहुत कुछ किया, लेकिन उनमें अहंकार नहीं था। शास्त्री ने देश में श्वेत और हरित क्रांति की नींव को मजबूत किया। उन्होंने कहा, इंदिरा गांधी ने भारत की सैन्य और रणनीतिक क्षमता को मजबूत किया और बांग्लादेश के निर्माण में भी बड़ी भूमिका निभाई। हमने सिक्किम को भी भारत में शामिल किया। ये सभी काम कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने किए।

खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत पर संसद की कार्यवाही के दौरान सीधे जवाब देने से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने सदन में सवालों का जवाब नहीं दिया। गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री अपने कमरे में छिपकर सुन रहे थे। गृह मंत्री ने कहा कि वह अपने कमरे से सुन रहे थे, क्योंकि सदन की बैठक नहीं चल रही थी। मेरे दोस्त, अगर आप सदन में आ जाते तो आपकी उम्र कम नहीं हो जाती। यह बस उनकी झूठ बोलने की आदत है।

खड़गे ने धर्म और आस्था के मुद्दे को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों में चढ़ावा भी सुरक्षित नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, उन्होंने आस्था और धर्म को भी नहीं छोड़ा। ये कट्टर सोच वाले लोग हैं। मंदिर में चढ़ाए गए 50 रुपये भी सुरक्षित नहीं हैं। सोना और चांदी भी लूट लिए गए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए आजादी का मतलब सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि हर नागरिक को शिक्षा, अवसर और सम्मान दिलाना है। खड़गे ने कहा,हमारे लिए आजादी सत्ता नहीं है। आजादी तब आएगी, जब हर बच्चा स्कूल जाएगा, जब गरीबों की आवाज सुनी जाएगी और जब युवा आगे बढ़ेंगे।

खड़गे ने देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और युवाओं के आंदोलनों के साथ हो रहे व्यवहार पर भी चिंता जताई। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘नफरती अभियान’ चलाने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों को कुचल रही है।

उन्होंने कहा, आज देश के युवा आंदोलन कर रहे हैं और हम अपने नेता प्रतिपक्ष के साथ उनका समर्थन कर रहे हैं। संविधान हर व्यक्ति को अपने मुद्दे के लिए लड़ने का अधिकार देता है। वे देशद्रोही नहीं हैं। फिर भी प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ नफरत का अभियान चलाया जाता है। हमारे नेता प्रतिपक्ष ने आज ही नहीं, बल्कि कई साल पहले कहा था कि हम नफरत नहीं फैलाएंगे, बल्कि ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलेंगे यानी प्यार का संदेश फैलाएंगे। जबकि भाजपा और आरएसएस इसका विरोध करते हैं। उन्होंने आजादी से पहले भी देश के खिलाफ काम किया और आज भी हिन्दू-मुसलमानों को बांटकर ऐसा कर रहे हैं। मौजूदा सरकार गरीबों को कुचल रही है।

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