गंगटोक : सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व में राज्य का स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग 15 अगस्त से गंगटोक के सिच्चे स्थित नए एसटीएनएम अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण सेवा शुरू करने जा रहा है। राज्य में पहली बार किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध होने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री जीटी ढुंगेल ने इसे सिक्किम की स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
गुरुवार को एसटीएनएम अस्पताल में आयोजित पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 15 अगस्त को होने वाला पहला किडनी प्रत्यारोपण अचानक लिया गया निर्णय नहीं है, बल्कि इसके पीछे पिछले दो से तीन वर्षों से लगातार की जा रही तैयारी और प्रयास हैं। ढुंगेल ने बताया कि राज्य के मरीजों को सिक्किम के भीतर ही बेहतर और उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किडनी प्रत्यारोपण केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि किडनी रोग से पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य में प्रत्यारोपण सुविधा की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इसके लिए कानूनी स्वीकृति, प्रशासनिक व्यवस्था, आवश्यक आधारभूत ढांचा, चिकित्सा उपकरण और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने पर चरणबद्ध तरीके से काम किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने केंद्र सरकार से भी सहयोग मांगा था।
मंत्री ने बताया कि उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर इस सुविधा को विकसित करने के लिए सहायता का अनुरोध किया था। यह किडनी प्रत्यारोपण सेवा शुरू करने से पहले अंग प्रत्यारोपण से संबंधित सभी आवश्यक कानूनी और नियामक प्रक्रियाओं को पूरा किया गया है। अस्पताल में शल्य चिकित्सा कक्ष, गहन चिकित्सा इकाई, डायलिसिस सुविधा, प्रयोगशाला, जांच व्यवस्था और प्रत्यारोपण के बाद मरीजों की देखभाल के लिए आवश्यक सुविधाओं को मजबूत किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पूरी व्यवस्था इस तरह तैयार की गई है कि किडनी प्रत्यारोपण सुरक्षित तरीके से किया जा सके और भविष्य में इस सेवा को नियमित रूप से जारी रखा जा सके। एसटीएनएम अस्पताल की चिकित्सा टीम को कोलकाता के रवींद्रनाथ टैगोर नारायणा अस्पताल में तीन महीने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। यहां किडनी रोग विशेषज्ञ, मूत्र रोग विशेषज्ञ, एनेस्थिसिया विशेषज्ञ, नर्सिंग कर्मियों, शल्य चिकित्सा कक्ष के कर्मचारियों और तकनीकी कर्मियों ने प्रत्यारोपण से जुड़ी बारीकियों का प्रशिक्षण लिया।
ढुंगेल ने बताया कि कोलकाता स्थित अस्पताल में प्रतिदिन करीब तीन किडनी प्रत्यारोपण किए जाते हैं और सिक्किम की टीम को वहां अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि ट्रांसप्लांट प्रोग्राम में एक मल्टीडिसीप्लिनरी मेडिकल टीम शामिल थी जिसमें नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर के स्पेशलिस्ट के साथ-साथ सीनियर सर्जन और दूसरे स्पेशलिस्ट शामिल थे। साथ मिलकर, उन्होंने डोनर और रिसीवर के इवैल्यूएशन प्रोसेस के साथ-साथ सर्जिकल, एनेस्थेटिक और पोस्ट ऑपरेटिव केयर पाथवे बनाने पर काम किया है। इस प्रोग्राम को कामयाब बनाने में हॉस्पिटल की पूरी टीम ने भी अहम भूमिका निभाई है।
एसटीएनएम अस्पताल की मुख्य प्रत्यारोपण टीम में शल्य चिकित्सक डॉ नीरज भट्टाराई, डॉ बिक्रम खड़गा, डॉ छोडेन नोरबू और डॉ कर्मा डोमा भूटिया शामिल हैं। किडनी रोग विशेषज्ञों की टीम में डॉ अभिषेक गौतम और डॉ जूडिथ नामच्यो शामिल हैं। वहीं, एनेस्थिसिया विशेषज्ञों में डॉ नीलिमा प्रधान, डॉ सोनम डिकी, डॉ पंकज प्रधान और डॉ अमृता गुरुंग शामिल हैं। इसके अलावा नर्सिंग कर्मियों, तकनीशियनों, डायलिसिस कर्मचारियों, ब्लड बैंक, प्रयोगशाला, औषधि विभाग और अन्य सहायक सेवाओं की टीम भी इस कार्यक्रम से जुड़ी हुई है।
बताया गया है कि पहला किडनी प्रत्यारोपण 15 अगस्त को कोलकाता के रवींद्रनाथ टैगोर नारायणा अस्पताल के विशेषज्ञों के सहयोग से किया जाएगा। इस अवसर पर सिक्किम के राज्यपाल और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के उपस्थित रहने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआती चरण में प्रत्येक महीने एक किडनी प्रत्यारोपण करने की योजना बनाई है। अनुभव और सुविधाओं के विस्तार के साथ भविष्य में इसकी संख्या बढ़ाई जा सकती है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एसटीएनएम अस्पताल में राज्य के 20 हजार से अधिक किडनी रोगी नियमित रूप से डायलिसिस कराते हैं। ऐसे में राज्य के भीतर किडनी प्रत्यारोपण सुविधा शुरू होने से मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम होगी। ढुंगेल ने कहा कि 15 अगस्त को होने वाला पहला किडनी प्रत्यारोपण केवल एक चिकित्सा उपलब्धि नहीं, बल्कि सिक्किम में स्थायी और आधुनिक अंग प्रत्यारोपण सेवा की शुरुआत है। इससे किडनी रोगियों को अपने घर और परिवार के करीब रहकर उन्नत उपचार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
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