गंगटोक : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सिक्किम ने राज्य सरकार के वर्ष 2026-27 के बजट में की गई कई जनहितकारी घोषणाओं का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया है, लेकिन साथ ही रोजगार सृजन, आर्थिक विकास, पर्यटन विविधीकरण, स्टार्टअप प्रोत्साहन और राज्य की वित्तीय आत्मनिर्भरता को लेकर गंभीर चिंताएं भी जताई हैं। पार्टी का कहना है कि बजट में कई लोककल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं, लेकिन युवाओं के लिए दीर्घकालिक रोजगार और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने का स्पष्ट रोडमैप नजर नहीं आता।
रविवार को गंगटोक में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में भाजपा सिक्किम के प्रवक्ता पासांग शेरपा ने कहा कि पार्टी अपने गठबंधन सहयोगी सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) सरकार, मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री पीएस गोले को 18,455 करोड़ रुपये का राज्य बजट सफलतापूर्वक पारित कराने के लिए बधाई देती है। उन्होंने कहा कि बजट में कई ऐसी घोषणाएं हैं, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।
शेरपा ने बताया कि सिक्किम का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 62,973 करोड़ रुपये आंका गया है, जबकि कुल बजट 18,455 करोड़ रुपये का है। इसमें 5,896 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिनका उपयोग बुनियादी ढांचा विकास और भविष्य में राजस्व सृजन करने वाली परियोजनाओं पर किया जाएगा। वहीं, 11,733 करोड़ रुपये राजस्व व्यय के लिए रखे गए हैं, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के वेतन, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, प्रशासनिक खर्च तथा अन्य नियमित व्यय शामिल हैं।
हालांकि भाजपा ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सिक्किम का अनुमानित कर एवं गैर-कर राजस्व केवल 3,399 करोड़ रुपये है, जबकि कुल बजट इससे कई गुना अधिक है। शेरपा ने कहा कि शेष राशि के लिए राज्य को बड़े पैमाने पर केंद्र सरकार की सहायता और ऋण पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 5,113 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे, जबकि इस वर्ष केंद्र के करों में सिक्किम की हिस्सेदारी 0.038 प्रतिशत से घटकर 0.033 प्रतिशत रह गई है। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार से 3,967 करोड़ रुपये अनुदान सहायता तथा विशेष श्रेणी के राज्य के रूप में 3,312 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता मिलेगी। इसके बावजूद करीब 2,765 करोड़ रुपये की वित्तीय कमी को ऋण लेकर पूरा करना पड़ेगा।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राज्य का आंतरिक राजस्व इतना कम है कि इससे सरकारी कर्मचारियों के वेतन का लगभग 27 प्रतिशत ही वहन किया जा सकता है। उन्होंने इसे राज्य की वित्तीय सेहत के लिए चिंता का विषय बताते हुए सरकार से राजस्व बढ़ाने के ठोस उपाय करने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की अपील की। पासांग शेरपा ने कहा कि राज्य के आंतरिक राजस्व में धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिल रही है और यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में वित्तीय चुनौतियां और गंभीर हो सकती हैं।
हालांकि उन्होंने बजट की कई महत्वपूर्ण घोषणाओं की सराहना भी की। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत किसानों को ब्याज राहत देने के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उनके अनुसार केंद्र सरकार की तीन प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के बाद किसानों को चार प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था, लेकिन अब राज्य सरकार समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को अतिरिक्त तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान देगी। इससे किसानों को कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के लिए केवल एक प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध हो सकेगा।
भाजपा ने राज्य में 570 किलोमीटर सड़कों के मास्टिक डामरीकरण के लिए 546 करोड़ रुपये के प्रावधान का भी स्वागत किया। हालांकि शेरपा ने संबंधित विभागों से सड़क निर्माण के साथ-साथ प्रभावी जल निकासी व्यवस्था और रिटेनिंग वॉल के निर्माण को भी प्राथमिकता देने का आग्रह किया, ताकि सड़कें लंबे समय तक सुरक्षित रह सकें।
स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज, एचपीवी स्क्रीनिंग कार्यक्रम तथा केंद्र सरकार की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता से एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की योजना को भी भाजपा ने महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र के लिए 2,768 करोड़ रुपये का प्रावधान राज्य के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है और इससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही भाजपा ने सिक्किम गरीब आवास योजना का स्वागत किया, लेकिन दुग्ध उत्पादकों की लंबित प्रोत्साहन राशि को लेकर चिंता भी जताई। शेरपा ने कहा कि सिक्किम दुग्ध संघ प्रतिदिन 60 से 70 हजार लीटर दूध खरीदता है, लेकिन प्रोत्साहन राशि के लिए केवल चार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो लंबित भुगतान के लिए पर्याप्त नहीं लगता।
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि बजट में युवाओं के रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पर्यटन क्षेत्र के विस्तार के लिए कोई ठोस एवं स्पष्ट रणनीति नहीं दिखाई देती। उन्होंने सरकार से इन क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की मांग करते हुए कहा कि इन्हीं क्षेत्रों में निवेश से राज्य के युवाओं के लिए दीर्घकालिक रोजगार और आर्थिक अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष राज्य बजट सामान्य से कुछ देर से पारित हुआ है। इसलिए अब सबसे बड़ी चुनौती इसकी समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। भाजपा बजट की प्रत्येक घोषणा के कार्यान्वयन पर कड़ी नजर रखेगी और जनता से भी सरकार के वादों की निगरानी करने की अपील करेगी।
शेरपा ने कहा कि 18,455 करोड़ रुपये का बजट पारित होना निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इसकी वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि इससे राज्य में सड़क संपर्क, डिजिटल शासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों में कितना वास्तविक सुधार होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सकारात्मक सुझावों के साथ सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाती रहेगी।
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