गंगटोक : कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने रविवार को राज्य सैनिक बोर्ड परिसर में राज्य सरकार के सहयोग से निर्मित राज्य सैनिक बोर्ड कार्यालय सह सैनिक विश्राम गृह का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में भवन एवं आवास तथा श्रम विभाग के मंत्री भीम हांग लिम्बू, शहरी विकास तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के विधायक सह सलाहकार दिले नामग्याल बारफुंग्पा तथा भवन एवं आवास विभाग के विधायक सह सलाहकार रिक्शल दोरजी भूटिया उपस्थित थे।
लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित राज्य सैनिक बोर्ड कार्यालय, सैनिक विश्राम गृह तथा व्यावसायिक दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान भवन एवं आवास विभाग के अधिकारियों ने उन्हें परियोजना की योजना, निर्माण कार्य तथा इसकी प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने कहा कि कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्य सैनिक बोर्ड कार्यालय सह सैनिक विश्राम गृह का लोकार्पण उन वीर सैनिकों को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा भारतीय सशस्त्र बलों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि सैनिकों का साहस, बलिदान, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र पहले, स्वयं और परिवार बाद में के सिद्धांत पर कार्य करने वाले भारतीय सशस्त्र बल देशवासियों को शांति, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन सुनिश्चित करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना केवल देश की सीमाओं की रक्षा ही नहीं करती, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं तथा अन्य आपात स्थितियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी पूर्व सैनिक उसी समर्पण के साथ समाज की सेवा करते रहते हैं। उन्होंने युवाओं से पूर्व सैनिकों के अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, विनम्रता और निःस्वार्थ सेवा से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। साथ ही पूर्व सैनिकों से आग्रह किया कि वे युवाओं का मार्गदर्शन करते रहें तथा उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करें।
मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित राज्य सैनिक बोर्ड कार्यालय सह सैनिक विश्राम गृह को पूर्व सैनिकों के प्रति राज्य सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह केंद्र पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार संबंधी सेवाओं के लिए समर्पित सुविधा के रूप में स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि सैनिक विश्राम गृह राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से गंगटोक आने वाले पूर्व सैनिकों को आरामदायक आवास उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही यह सुविधा कार्यरत सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों तथा शहीदों के परिजनों के लिए भी स्वागत केंद्र का कार्य करेगी। युवाओं के लिए राज्य सरकार की पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को सिक्किम पुलिस में कांस्टेबल तथा फॉरेस्ट गार्ड के पदों पर भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सैन्य सेवा के दौरान अर्जित अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और कौशल को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है।
पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सैनिक बोर्ड तथा राज्य के सभी छह जिलों के जिला स्तरीय पूर्व सैनिक संघों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व सैनिक समुदाय के उन 11 लाभार्थियों के नामों की घोषणा की, जिन्हें नव-निर्मित व्यावसायिक दुकानों का आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहल पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की आजीविका तथा कल्याण को सुदृढ़ करने की दिशा में सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार भविष्य में भी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, रोजगार के अवसरों तथा आधारभूत संरचना के विकास के माध्यम से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का सहयोग करती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने परियोजना को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए भवन एवं आवास विभाग, मुख्य सचिव, गृह विभाग, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों तथा परियोजना से जुड़े सभी लोगों की सराहना की। उन्होंने राज्य सैनिक बोर्ड के सचिव कर्नल विजय बस्नेत (सेवानिवृत्त) की भी परियोजना के समन्वय और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए किए गए कार्यों की प्रशंसा की। राज्य सैनिक बोर्ड कार्यालय सह सैनिक विश्राम गृह को पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की सेवा के लिए समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सुविधा राज्य की कल्याणकारी पहलों को और अधिक सशक्त बनाएगी। उन्होंने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कार्यरत सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को शुभकामनाएं देते हुए सभी नागरिकों से भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और निःस्वार्थ सेवा के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत राज्य सैनिक बोर्ड के सचिव कर्नल विजय बस्नेत (सेवानिवृत्त) के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने नव-स्थापित सुविधा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे राज्यभर के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बेहतर कल्याणकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। कार्यक्रम के दौरान राज्य सैनिक बोर्ड डिजिटलीकरण परियोजना का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया, जिससे सिक्किम के पूर्व सैनिकों के लिए सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य सैनिक बोर्ड की ओर से सचिव कर्नल विजय बस्नेत (सेवानिवृत्त) ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग को पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे निरंतर सहयोग के सम्मान में सम्मानित किया।
कार्यक्रम में राज्य सैनिक बोर्ड के पूर्व सचिवों को पूर्व सैनिकों के कल्याण तथा राष्ट्र सेवा में उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में मेजर पीएस राई (11 जीआर), लेफ्टिनेंट कर्नल पदम बहादुर गुरुंग (कुमाऊं रेजिमेंट) तथा कर्नल डीएन भूटिया (आर्टिलरी) शामिल थे। इसी प्रकार पूर्व सैनिकों के कल्याण के क्षेत्र में समर्पित सेवाओं के लिए पूर्व वेलफेयर ऑर्गेनाइजरों को भी सम्मानित किया गया। इनमें सूबेदार दावा जानपो लेप्चा (आईएनटी), सूबेदार बीर सिंह गुरुंग (3 जीआर), सूबेदार ताशी दोर्जी भूटिया (64 इंजीनियर रेजिमेंट), सूबेदार पदम बहादुर गुरुंग (8 जीआर) तथा सूबेदार जय बहादुर राई (11 जीआर) शामिल रहे।
कार्यक्रम में गंगटोक नगर निगम के मेयर, डिप्टी मेयर, पार्षद, विभिन्न बोर्डों के अध्यक्ष, गंगटोक जिले के एपीएस, मुख्य सचिव, विभिन्न विभागों के सचिव, भवन एवं आवास विभाग के प्रधान मुख्य अभियंता, गंगटोक के डीसी, 17वीं माउंटेन डिवीजन के डिप्टी जनरल ऑफिसर कमांडिंग, केंद्रीय सैनिक बोर्ड के संयुक्त निदेशक (ऑटोमेशन), भवन एवं आवास विभाग के अधिकारी, भारतीय सशस्त्र बलों के सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी एवं जवान, राज्य सैनिक बोर्ड के सदस्य, पूर्व सैनिक, वीर नारियां तथा उनके परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन राज्य सैनिक बोर्ड (उत्तर एवं पूर्व) के डब्ल्यूओ सूबेदार जीएस पांडेय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन तथा राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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