गंगटोक : 11वीं सिक्किम विधानसभा के चार दिवसीय बजट सत्र के अंतिम दिन सदन ने आज 19,215 करोड़ रुपये के कुल व्यय वाले राज्य बजट को मंजूरी दे दी। विभिन्न मदों में होने वाली वसूली को समायोजित करने के बाद बजट का शुद्ध व्यय 18,455 करोड़ रुपये रहेगा। विधानसभा अध्यक्ष मिंगमा नोरबू शेरपा की अध्यक्षता में हुई कार्यवाही के बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
सत्र के अंतिम दिन सदन ने बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड वोकेशनल एजुकेशन, सिक्किम विधेयक को भी पारित किया। विधेयक को शिक्षा मंत्री राजू बसनेत ने 20 जुलाई को सदन में पेश किया था। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा की गई और उन्हें पारित किया गया।
सड़क एवं पुल विभाग के मंत्री एनबी दहाल (छेत्री) ने अपने विभाग की अनुदान मांगें पेश कीं। विधायक कला राई और आदित्य गोले के सुझावों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सडक़ सुरक्षा, रखरखाव और संपर्क व्यवस्था में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का भी भरोसा दिलाया।
शिक्षा, खेल एवं युवा मामले तथा संसदीय कार्य मंत्री राजू बसनेत ने अपने विभागों की अनुदान मांगें पेश कीं। विधायक आदित्य गोले द्वारा सोरेंग जौतार स्टेडियम के विकास का प्रस्ताव रखे जाने पर मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस पर विचार करेगी। उन्होंने शिक्षा, खेल, युवा कल्याण और कानूनी सेवाओं के विस्तार के लिए बजट में किए गए प्रावधानों की जानकारी दी।
पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री छिरिंग थेंदुप भूटिया ने संबंधित विभागों की अनुदान मांगें पेश कीं। विधायक कला राई के सुझावों पर उन्होंने कहा कि सिक्किम में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और पर्यटन उत्पादों एवं सेवाओं में मूल्यवर्धन के लिए प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने बताया कि साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास के साथ एक समर्पित पैराग्लाइडिंग स्थल विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि पर्यटन, उद्योग, वाणिज्य और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों के सतत विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
वहीं, मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने गृह, वित्त, योजना एवं विकास, कार्मिक, बिजली, आबकारी, भूमि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, परिवहन, सूचना एवं जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी और कौशल विकास सहित अपने अधीन विभागों की अनुदान मांगें पेश कीं।
विधायक पामिन लेप्चा और आदित्य गोले द्वारा रखे गए सुझावों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने बजट में प्रस्तावित प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बजट में आधारभूत संरचना को मजबूत करने, सरकारी सेवाओं की उपलब्धता बेहतर बनाने, रोजगार एवं आजीविका के अवसर बढ़ाने तथा महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ब्याज सहायता योजना के तहत पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से फसल ऋण प्रभावी रूप से एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही राज्यभर में महिलाओं के लिए एचपीवी जांच कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। एसटीएनएम अस्पताल में सिक्किम का पहला गुर्दा प्रत्यारोपण कार्यक्रम शुरू करने तथा सिक्किम सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रतिवर्ष 100 एमबीबीएस विद्यार्थियों के प्रवेश की व्यवस्था करने की भी घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने “मेरो अलैंची, मेरो धन” अभियान को मजबूत करने, महिलाओं और युवाओं के लिए कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा डिजिटल प्रशासन के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं लोगों के जीवन स्तर में सुधार के साथ “सुनहरे, समृद्ध और समर्थ सिक्किम” के लक्ष्य को आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सदन ने मुख्यमंत्री एवं वित्त Prem Singh Tamang द्वारा पेश सिक्किम विनियोग विधेयक, 2026 को भी पारित कर दिया। इस विधेयक के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 में सरकारी खर्चों के लिए राज्य की संचित निधि से राशि निकालने की अनुमति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने सदन में वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक की मध्यावधि वित्तीय योजना भी प्रस्तुत की।
इसके अतिरिक्त भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की राज्य वित्त से संबंधित वर्ष 2024-25 की रिपोर्ट, वित्त लेखा के खंड एक एवं दो तथा वर्ष 2024-25 का विनियोग लेखा सदन के पटल पर रखा गया।
मुख्यमंत्री ने प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण के 31 मार्च 2010 से 31 मार्च 2014 तक के अलग-अलग वर्षों की लेखा परीक्षा रिपोर्ट भी सदन में प्रस्तुत की।
इसके अलावा, लोक लेखा समिति के अध्यक्ष सोनम छिरिंग वेन्चुंग्पा ने 31 मार्च 2017 को समाप्त वर्ष से संबंधित कैग की 141वीं रिपोर्ट सदन में रखी। अध्यक्ष मिंगमा नोरबू शेरपा ने ग्रामीण विकास विभाग की वर्ष 2025-26, शिक्षा विभाग की वर्ष 2024-25 तथा सहकारिता विभाग की वर्ष 2023-24 और 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट सदन में रखे जाने की घोषणा की।
अपने समापन संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आम बजट सिक्किम के लोगों के कल्याण को समर्पित है और इसमें राज्य के विकास तथा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता दिखाई देती है। उन्होंने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व और दूरदृष्टि की सराहना की। अध्यक्ष ने उपाध्यक्ष राजकुमारी थापा, मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, विभागाध्यक्षों, अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडिया प्रतिनिधियों के सहयोग के लिए आभार जताया।
उनके साथ, मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने अपने समापन संबोधन में चार दिवसीय बजट सत्र के सफल संचालन पर सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने सत्र के पहले दिन सदन को संबोधित करने के लिए राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के प्रति भी आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रोजगार के अवसर पैदा करने, अर्थव्यवस्था मजबूत करने, आधारभूत संरचना में सुधार करने और लोगों का समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी, क्योंकि यही राज्य के भविष्य और प्रगति की नींव है। सरकार की नीतियां जनता की आकांक्षाओं पर आधारित हैं और इनका उद्देश्य समावेशी एवं सतत विकास सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने नामची जिले के समरदुंग स्थित एनएचपीसी तीस्ता चरण-6 सुरंग हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। समापन सत्र में मंत्री अरुण कुमार उप्रेती तथा विधायक कला राई, सोनम छिरिंग वेन्चुंग्पा और तेंजिंग नोरबू लाम्टा ने भी भाग लिया। इसके बाद अध्यक्ष ने विधानसभा के चौथे सत्र के द्वितीय भाग की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।
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