नामची : राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत चलाए जा रहे 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति को लेकर मंगलवार को नामची डीसी अनुपा तामलिंग की अध्यक्षता में जिला प्रशासनिक केंद्र में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले लोगों की जांच कर टीबी के मामलों की जल्द पहचान तथा समय पर इलाज सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विगत 24 मार्च को शुरू किया गया यह अभियान 4 जुलाई को संपन्न होगा। इसके तहत छाती के एक्स-रे और अन्य जांच प्रक्रियाओं के माध्यम से लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
आज की बैठक में नामची के जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ प्रतीक रसाइली ने प्रस्तुति के माध्यम से अभियान की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत बुजुर्गों, मधुमेह रोगियों, तंबाकू सेवन करने वालों, टीबी मरीजों के परिवार के सदस्यों और अन्य उच्च जोखिम वाले समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है।
डॉ रसाइली ने बताया कि नामची जिले में 11731 लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से अब तक 5121 (43.6 प्रतिशत) लोगों की जांच की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अभियान का निर्धारित लक्ष्य 60 प्रतिशत है। इसके बावजूद नामची राज्य के बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल है। उन्होंने टीबी मरीजों के परिवार के पात्र सदस्यों को दी जा रही टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी, दर्ज किए गए टीबी मामलों और निक्षय पोषण योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी दी।
वहीं, डीसी अनुपा तामलिंग ने स्वास्थ्य विभाग और अभियान से जुड़े सभी विभागों व हितधारकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विभिन्न विभागों, स्थानीय निकायों, शैक्षणिक संस्थानों और सामुदायिक संगठनों से जागरूकता गतिविधियों को और तेज करने तथा अभियान के समापन से पहले लक्ष्य हासिल करने में पूरा सहयोग देने की अपील की। साथ ही, उन्होंने निक्षय मित्र पहल को बढ़ावा देने और टीबी मरीजों को पोषण व सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए समुदाय की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में नामची के डीआरसीएचओ डॉ बीके चौहान, शिक्षा सीईओ जीपी शर्मा, नामची जिला एनटीसीपी की डीएनओ डॉ सुनीता थापा, सहायक प्रोफेसर डिकी छोडेन भूटिया, सहायक शिक्षा निदेशक तिलक कुमार छेत्री सहित स्वास्थ्य विभाग और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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