पाकिम : असम लिंग्जे स्थित सौरैनी वार्ड में भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने और प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक सुधारात्मक कदमों की समीक्षा करने हेतु पाकिम जिला कलेक्टर परी बिश्नोई ने आज प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण दल में पंचायत सदस्य दिलखुश मोहरा, पाकिम एसडीएम एनके भंडारी, पीएमजीएसवाई के डीई निमा ताशी दोतापा, डीपीओ टीआर छेत्री, आरओ एडी किरण छेत्री, पीएमजीएसवाई विभाग के अधिकारी और अन्य शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर बिश्नोई ने प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया और समस्या के समाधान के लिए उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने वर्षा जल की सही निकासी के लिए कलवर्ट निर्माण, प्रभावित सडक़ मार्ग की सफाई और मरम्मत तथा सड़क संपर्क को निर्बाध बनाए रखने के लिए रोकथाम संबंधी उपाय लागू करने पर विशेष जोर दिया।
इस दौरान डीसी ने स्थानीय निवासियों की शिकायतें भी सुनीं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी और समय-समय पर निरीक्षण जरूरी है, ताकि भविष्य में और अधिक नुकसान को रोका जा सके। इस दौरान, पीएमजीएसवाई अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में नुकसान लगातार भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण हुआ है। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसे हालात से बचने के लिए प्रस्तावित उपायों की जानकारी दी, जिनमें कलवर्ट निर्माण और अतिरिक्त जल प्रवाह को मोड़ने की व्यवस्था शामिल है।
इसके बाद निरीक्षण दल ने असम लिंग्जे के तमला स्थित निर्माणाधीन नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, सिक्किम सेंटर के स्थायी परिसर का भी दौरा किया। दौरे के दौरान पाया गया कि क्षेत्र में खुदाई से निकली सामग्री को अवैध रूप से डंप किया गया था। बारिश के दौरान यही मिट्टी और मलबा बहकर आसपास के गांवों तक पहुंच रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। निरीक्षण दल ने संबंधित अधिकारियों को इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बारिश के मौसम में सड़क संपर्क, जल निकासी और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा।
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