लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, हिंसा का नहीं : वीडी सतीशन

तिरुवनंतपुरम । केरल में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आवास पर ईडी की छापेमारी के बाद हुए बवाल को लेकर मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जांच एजेंसियों के अधिकारियों पर हमला किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह एक गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।

सतीशन ने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने केरल की राजनीति को गर्मा दिया है। हालांकि विजयन ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा केंद्र सरकार जब कांग्रेस नेताओं पर इन एजेंसियों का प्रयोग करती हैं, तभी कांग्रेस ईडी का विरोध करती है। उन्होंने कांग्रेस के रुख को ‘संकीर्ण सोच’ करार देते हुए कहा कि विपक्षी दलों को एकजुट होकर ऐसी कार्रवाई का विरोध करना चाहिए।

विजयन ने दावा किया कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई के समय कांग्रेस ने सवाल उठाए थे कि उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा। बाद में जब मामला दर्ज हुआ तो कांग्रेस ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और केजरीवाल ने उनके खिलाफ हुई ईडी कार्रवाई की आलोचना की, लेकिन कांग्रेस अब भी अपना रुख नहीं बदल रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ईडी ने उनकी बेटी वीणा टी के एक खाते को बंद किया है। हालांकि, छापेमारी के दौरान उनसे कोई पूछताछ नहीं की गई, जबकि वह मौके पर मौजूद थे। विजयन ने यह भी कहा कि उनके तिरुवनंतपुरम स्थित किराये के घर पर छापेमारी के बाद ईडी अधिकारियों पर हुए हमले को लेकर माकपा नेताओं ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि यह बात सभी ने देखी है। ईडी की यह कार्रवाई उनकी बेटी की कंपनी और एक रेत खनन कंपनी के बीच कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े सीएमआरएल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई थी।

इस मुद्दे पर सतीशन ने साफ कहा कि वंदे मातरम् को पूरा गाना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है और देश में ऐसा कोई कानून नहीं है, जो इसे पूरी तरह गाने के लिए बाध्य करता हो। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रभक्ति किसी एक तरीके से साबित नहीं की जा सकती और लोगों को संविधान के दायरे में रहकर अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय गीत का सम्मान जरूरी है, लेकिन इसे लेकर जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने विकास को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास केरल को पोर्ट और एविएशन हब में बदलने की बड़ी योजनाएं हैं। राज्य में बंदरगाह, एयर कनेक्टिविटी और निवेश बढ़ाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है> सतीशन ने कहा कि राज्यपाल के नीति भाषण में साफ संकेत दिया गया है कि सरकार जनता से किए गए चुनावी वादों को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि रोजगार, उद्योग, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नई सरकार जनता का भरोसा टूटने नहीं देगी और विकास के साथ कानून व्यवस्था को भी मजबूत रखा जाएगा। राजनीतिक विवादों के बीच सरकार अब विकास और प्रशासनिक मजबूती का संदेश देने की कोशिश में जुटी दिखाई दे रही है।

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