182 देशों में करोड़ों लोगों तक पहुंचा आर्ट ऑफ लिविंग का संदेश : उपराष्ट्रपति

बंगलूरू । उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में पांच प्रमुख राष्ट्रीय पहलों का शुभारंभ किया। यह आयोजन संस्था के 45 वर्ष पूरे होने और गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के 70वें जन्मदिन के अवसर पर हुआ। उपराष्ट्रपति ने एक स्मारक डाक टिकट का भी अनावरण किया।

शुरू की गई पहलों में युवा कॅरिअर उत्कृष्टता कार्यक्रम, पूर्वी ज्ञान प्रणाली संकाय, नवाचार एवं उद्यमिता इंक्यूबेशन, चेतना अध्ययन केंद्र और इको शांति शामिल हैं। ये पहलें शिक्षा, नवाचार, पर्यावरणीय स्थिरता और मानव विकास पर केंद्रित हैं। उपराष्ट्रपति ने सभा को संबोधित करते हुए आर्ट ऑफ लिविंग की वैश्विक पहुंच की सराहना की।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन 182 देशों में करोड़ों जीवनों को स्पर्श कर चुका है। गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने आंतरिक शांति को बाह्य सामंजस्य की आधारशिला बताया। उन्होंने ध्यान को स्वस्थ जीवन की मूलभूत आवश्यकता बताया। गुरुदेव ने ज्ञान, ध्यान और संगीत को जीवन भर साथ रखने का आह्वान किया। उन्होंने भय, तनाव और घृणा से मुक्त वैश्विक परिवार का स्वप्न देखा।

युवा कॅरिअर उत्कृष्टता कार्यक्रम युवाओं को सिविल सेवा और आतिथ्य प्रशिक्षण देगा। पूर्वी ज्ञान प्रणाली संकाय पूर्वी परंपराओं को समकालीन शिक्षा से जोड़ेगा। नवाचार एवं उद्यमिता इंक्यूबेशन 500 स्टार्टअप को पोषित करेगा। चेतना अध्ययन केंद्र मानसिक कल्याण पर अनुसंधान करेगा। इको शांति पहल 2030 तक एक लाख टन प्लास्टिक कम करने का लक्ष्य रखती है।

यह शुभारंभ समारोह महीने भर चले उत्सव का चरमोत्कर्ष था। इसमें भारत और विश्व भर से 678 प्रतिष्ठित अतिथियों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री उपस्थित थे। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कर्नाटक से संस्था के संबंध को रेखांकित किया। उत्सव में उत्तर प्रदेश महोत्सव भी आयोजित हुआ।

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