गेजिंग : पश्चिम सिक्किम का गेजिंग जिला राज्य के छह जिलों में प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक महत्व और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। बावजूद इसके, यह जिला आज भी आधारभूत सुविधाओं के मामले में काफी पिछड़ा हुआ दिखाई देता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, यातायात, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में गेजिंग अपेक्षित विकास से अभी भी वंचित है। यही कारण है कि यहां केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों से स्थानांतरित होकर आने वाले कर्मचारी और अधिकारी भी लंबे समय तक कार्य करना नहीं चाहते।
कई कर्मचारी तो गेजिंग आने की अपेक्षा उत्तर सिक्किम में सेवा देना अधिक सहज मानते हैं, जो अपने आप में गंभीर चिंता का विषय है। गेजिंग जिले की सबसे बड़ी समस्या सड़क और यातायात व्यवस्था को माना जा रहा है। जिले की अधिकांश सड़कें वर्षों से जर्जर स्थिति में हैं। बारिश शुरू होते ही सड़क टूटने, भूस्खलन होने और यातायात बाधित होने की घटनाएं आम हो जाती हैं। कई गांव आज भी बेहतर सड़क संपर्क से वंचित हैं। खराब सड़क व्यवस्था के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में कठिनाई होती है, विद्यार्थियों को स्कूल जाने में परेशानी होती है और दैनिक जरूरत की वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित होती है। यातायात की खराब स्थिति का सीधा असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। जिले के कई विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधनों का अभाव है।
शिक्षकों की कमी, विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा का अभाव, पर्याप्त भवन और प्रयोगशालाओं की कमी जैसी समस्याएं आज भी बनी हुई हैं। मजबूरन कई अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए अन्य जिलों या राज्य के बाहर भेजने को विवश हैं। इससे स्थानीय शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा धीरे-धीरे कम होता जा रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, आवश्यक दवाइयों और उपकरणों का अभाव तथा आपातकालीन सेवाओं में कमजोरी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सामान्य इलाज के लिए भी लोगों को गंगटोक या सिलीगुड़ी जाना पड़ता है। खराब सड़क व्यवस्था के कारण कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सकता, जिससे उनकी जान तक जोखिम में पड़ जाती है। जिले में मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण सरकारी कर्मचारी और अधिकारी भी यहां लंबे समय तक सेवा देने में रुचि नहीं दिखाते।
अधिकांश कर्मचारी यहां के दुर्गम परिवहन, सीमित सुविधाओं और कम अवसरों के कारण जल्द ही अन्य स्थानों पर स्थानांतरण की कोशिश करते हैं। इसका असर प्रशासनिक कार्यों और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी पड़ रहा है। हालांकि गेजिंग जिले में संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थल और सांस्कृतिक विविधता इसे विशेष बनाती है। पेलिंग, युक्सम और खेचोपरी झील जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। यदि सड़क, यातायात और अन्य बुनियादी सुविधाओं का समुचित विकास किया जाए तो गेजिंग राज्य का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है। इससे होटल उद्योग, स्थानीय व्यापार, कृषि और स्वरोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो सकती है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि अब केवल घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि व्यवहारिक और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता है। सड़क सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित यातायात और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना समय की मांग है। साथ ही, दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को विशेष सुविधाएं और प्रोत्साहन दिए जाने की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है। स्थानीय लोगों ने पार्किंग की समस्या, बाजारों के उचित प्रबंधन की कमी और संकरी सड़कों को भी जिले की गंभीर समस्याओं में शामिल किया है।
उनका कहना है कि विकास कार्यों में स्थानीय सहभागिता की कमी भी स्थिति को और गंभीर बना रही है। लोगों को स्वयं अपने जिले के विकास के प्रति अधिक जागरूक और सक्रिय होने की आवश्यकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि गेजिंग जिला आखिर कब विकास की मुख्यधारा में पूरी तरह शामिल होगा। विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस पहल नहीं की गई तो जिला और पीछे जा सकता है। लेकिन सही योजना, मजबूत इच्छाशक्ति और समान विकास की सोच के साथ गेजिंग भविष्य में सिक्किम के सबसे विकसित जिलों में शामिल होने की क्षमता रखता है।
No Comments: