सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लेकर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित

पाकिम : सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम को लेकर पाकिम जिला पंचायत द्वारा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से आज रेनॉक बीएसी में एक जागरुकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष प्रभा प्रधान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ, एडीसी (विकास) सांगे ग्याछो भूटिया, रेनॉक विधायक के ओएसडी डीबी छेत्री, डीपीओ सोनम जांग्पो भूटिया और बीडीओ रेनॉक आरके गुरुंग सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष प्रभा प्रधान ने सिंगल यूज प्लास्टिक से बढ़ती पर्यावरणीय समस्याओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कचरा निपटान के लिए टिकाऊ विकल्प अपनाना समय की जरूरत है। उन्होंने औद्योगिक कचरे के बेहतर प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी जोर दिया। साथ ही, उन्होंने प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने के लिए विभागों, पंचायतों और समुदायों के बीच बेहतर तालमेल का आग्रह किया।

वहीं, एडीसी (विकास) सांगे ग्याछो भूटिया ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने प्रभावी कचरा छंटाई के लिए उचित रोडमैप तैयार करने का सुझाव दिया। साथ ही सर्वेक्षण, कचरा पृथक्करण और समय पर आंकड़े जमा करने में प्रतिभागियों की जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण बताया।

इसके अलावा, डीपीओ सोनम जांग्पो भूटिया ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के सभी ब्लॉकों में जनभागीदारी के माध्यम से प्लास्टिक कचरे का सही मूल्यांकन, पृथक्करण और वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जूनियर इंजीनियर प्रवास छेत्री और फील्ड असिस्टेंट रेशव शर्मा ने प्लास्टिक कचरा प्रबंधन से जुड़े कानूनी प्रावधानों, प्लास्टिक पैकेजिंग कचरे की श्रेणियों और कचरे के वर्गीकरण के मानकों की विस्तृत जानकारी दी।

सत्र में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों के तहत स्थानीय निकायों, संस्थानों और समुदायों की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई। कचरे की छंटाई, व्यवस्थित संग्रह, पुनर्चक्रण और सुरक्षित निपटान की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया। वहीं, कार्यक्रम के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक की पहचान और वर्गीकरण पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रतिभागियों को फील्ड स्तर पर प्लास्टिक कचरे की पहचान, मूल्यांकन, छंटाई और डेटा संग्रह की प्रक्रिया समझाई गई। अंत में एक संवाद सत्र भी आयोजित हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने सवाल रखे और अधिकारियों ने उनका समाधान किया।

कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, पाकिम डिवीजन पीडीए, पीएए और विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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