नई दिल्ली । भारत का अपना पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि कॉन्ट्रैक्ट साइन होने के 30 महीने के भीतर पहला प्रोटोटाइप तैयार होना चाहिए। कुल पांच प्रोटोटाइप तैयार होंगे।
रक्षा मंत्रालय ने तीन प्राइवेट सेक्टर कंसोर्टियम से प्रपोजल मांगा है। जिनमें टाटा एडवांस सिस्टम्स लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो-भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और भारत फोर्ज-बीईएमएल शामिल हैं। करीब एक साल पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) प्रोग्राम के लिए निजी कंपनियों के साथ फाइटर जेट के मॉडल के विकास को मंजूरी दी थी। जिसके बाद एएमसीए के विकास के लिए निजी कंपनियों से ईओआई यानी एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट मांगे गए थे।
दुनिया भर में पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट पर फोकस बढ़ा है। पिछले साल एयरो इंडिया में पांचवीं जनरेशन फाइटर जेट छाए रहे। यूएस अपना पांचवीं जनरेशन फाइटर जेट एफ-35 लाया तो रूस अपना पहला पांचवीं जनरेशन फाइटर जेट एसयू-57 लाया। भारत ने भी अपने पांचवीं जनरेशन फाइटर जेट एएमसीए के फुल स्कैल मॉडल को दिखाया।
दुनिया के तीन देश ही अभी पांचवीं जनरेशन फाइटर जेट बना रहे हैं। यूएस, चीन और रूस। यूएस के पास दो तरह के पांचवीं जनरेशन फाइटर जेट हैं एफ-22 और एफ – 35 जेट। चीन के पास भी दो तरह के पांचवीं जनरेशन फाइटर जेट हैं जे- 20 और जे-35 जेट।
एसयू-57 रूस का पहला पांचवीं पीढ़ी का एयरक्राफ्ट है। एफ-35 और एसयू-57 हेवी वेट कटैगरी यानी 30 टन के पांचवीं जनरेशन एयरक्राफ्ट हैं जबकि एएमसीए मिडियम कैटेगरी यानी 25 टन क्लास का पांचवीं जनरेशन का फाइटर एयरक्राफ्ट होगा। इसमें वेपन अंदर होंगे यानी बाहर से दिखाई नहीं देंगे।
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