नामची : ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर जिला स्तरीय समिति की बैठक आज जिला प्रशासनिक केंद्र (डीएसी), नामची में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर नामची, सुश्री अनुपा तामलिंग ने की। उन्होंने जिले भर में प्रभावी कचरा पृथक्करण, संग्रहण और निपटान के महत्व पर समिति को संबोधित किया।
चर्चा के दौरान बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 80 से 90 प्रतिशत कचरे का पृथक्करण सफलतापूर्वक किया जा रहा है। यह भी जानकारी दी गई कि घरों को कंपोस्ट बिन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि उचित कचरा प्रबंधन और टिकाऊ निपटान पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा सके।
यह देखा गया कि शहरी क्षेत्रों में कई निवासी कचरे को अलग-अलग करने के बजाय उसे मिलाकर ही संग्रहण के लिए दे रहे हैं। इसके समाधान के रूप में कचरा पृथक्करण के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए एक पायलट वार्ड की पहचान करने की योजना बनाई गई है।
इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों में एक माह की अवधि के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिनमें कचरे के सही पृथक्करण और प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस अवधि के बाद प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
डीसी ने स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण के महत्व पर जोर देते हुए सुझाव दिया कि कचरा संग्रहण वाहनों में सूखे और गीले कचरे के अलग-अलग संग्रहण के लिए दो-खाना प्रणाली लागू की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि घर-घर पंपलेट वितरित कर निवासियों को उचित कचरा प्रबंधन के बारे में जागरूक किया जाए।
नामची में संसाधन पुनर्प्राप्ति केंद्र (आरआरसी) की स्थापना के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। इस परियोजना को लेकर स्थानीय निवासियों ने आशंका जताई है कि इससे आसपास के जल स्रोत दूषित हो सकते हैं। इसके समाधान के लिए पहले संयुक्त निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने का प्रस्ताव रखा गया कि जल स्रोत सुरक्षित हैं। साथ ही, आरआरसी के लाभों-जैसे प्लास्टिक कचरे में कमी, जैविक पदार्थों का कम्पोस्टिंग और कचरा जलाने की हानिकारक प्रथा को रोकना-के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि दमथांग रोड से टेमी जीरो तक संयुक्त स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही समद्रुप्त्से रोड और एली गुम्पा के पास स्थित श्मशान क्षेत्रों की सफाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, क्योंकि वहां खाद्य पदार्थों के प्लास्टिक कचरे का निपटान किया जा रहा है। उन्होंने सभी स्कूलों में सैनिटरी वेंडिंग मशीन और इन्सिनरेटर की कार्यक्षमता की जाँच करने की आवश्यकता पर बल दिया और निर्देश दिया कि प्रत्येक कार्यस्थल पर इन्सिनरेटर स्थापित किए जाएँ, ताकि स्वच्छता और प्रभावी कचरा प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि स्कूलों की प्रार्थना सभा में कचरा प्रबंधन विषय पर भाषण अनिवार्य रूप से दिया जाए, ताकि छात्रों में जागरुकता बढ़े। उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अवैध रूप से कचरा फेंकने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने के लिए हरे, नीले और लाल डस्टबिन घर-घर वितरित किए जाएंगे।
बैठक में एडीसी नामची सुश्री तिरसांग तामांग, एसडीएम (मुख्यालय) निम पिंत्सो भूटिया, एडीसी (विकास) डॉ सीपी राई, सीएमओ नामची डॉ जुनिता योंजन, सीईओ जीपी शर्मा, एमईओ योगेन स्यांगदेन, एसीएफ आकाश दास राई, एओ पोपो छिरिंग भूटिया, एई सुश्री गाकी भूटिया और डीपीओ सुश्री करजांग डी लासोपा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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