गंगटोक : ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में कल आयोजित विशाल रैली और इस मुद्दे पर एसकेएम पार्टी के रुख की जानकारी देने के लिए आज राजधानी के एक होटल में पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग के मार्गदर्शन में आयोजित इस ऐतिहासिक रैली को सफल बताते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष एवं आयोजन समिति की अध्यक्ष राजकुमारी थापा ने कहा कि राज्य की महिलाओं की जागरुकता और सहभागिता ने इसे ऐतिहासिक बना दिया। उन्होंने रैली को सफल बनाने में योगदान देने वाली सभी माताओं-बहनों, मुख्यमंत्री समेत सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण पहल है, और इसके पारित होने को लेकर विश्वास था, लेकिन इसके न होने से यह स्पष्ट हो गया कि कुछ विपक्षी दल महिलाओं के हित में नहीं हैं। उनके अनुसार, इस विधेयक का पारित न होना महिलाओं के मनोबल को कमजोर कर सकता है और सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक क्षेत्रों में उनकी भागीदारी पर असर डाल सकता है।
एसकेएम की प्रवक्ता कला राई ने कहा कि पार्टी हमेशा से महिलाओं के अधिकारों की समर्थक रही है और पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को 50 प्रतिशत से अधिक अवसर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के पारित न होने से पूरे देश, विशेषकर सिक्किम की महिलाएं निराश हैं। उन्होंने मांग की कि इस विधेयक को पुनः संसद में प्रस्तुत कर पारित किया जाए।
प्रवक्ता जैकब खालिंग ने कहा कि इस रैली के माध्यम से सिक्किम की महिलाओं की एकजुटता और जागरूकता का मजबूत संदेश गया है। उन्होंने विधेयक पारित न होने पर खेद व्यक्त करते हुए इसे रोकने के प्रयासों की निंदा की और विश्वास जताया कि भविष्य में इसे फिर से सदन में लाकर पारित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी दोहराया कि भले ही यह विधेयक अभी पारित नहीं हुआ हो, लेकिन पार्टी और सरकार महिलाओं को हर स्तर पर सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
वहीं, प्रवक्ता विकास बस्नेत ने संसद में इस विधेयक के पारित न होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कड़ा विरोध जताया और इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला दिन करार दिया। उन्होंने कहा कि रैली के माध्यम से समर्थन जताने के बावजूद विपक्ष का विरोध निराशाजनक है।
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