गंगटोक : Citizen Action Party-Sikkim (सीएपी-सिक्किम) की महिला परिषद की क्षेत्रस्तरीय समन्वय सभा मल्ली निर्वाचन क्षेत्र के मल्ली डांड़ा में पार्टी अध्यक्ष गणेश राई की अध्यक्षता में आयोजित हुई। सभा की शुरुआत मल्ली निर्वाचन क्षेत्र की महिला परिषद अध्यक्ष कमला राई के स्वागत भाषण से हुई। इस दौरान जिला स्तर की महिला परिषद अध्यक्ष शांति तामांग, अमृता सुब्बा, रिमा चापागाईं, कर्मा दिछेन भूटिया सहित हेलेन राई ने महिला परिषद से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की।
रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए वक्ताओं ने वर्तमान सरकार की महिलाओं और युवाओं के प्रति दृष्टिकोण की आलोचना की। उन्होंने महिलाओं और युवाओं को राजनीतिक रूप से जागरूक होने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को महिलाओं और युवाओं को केवल ‘वोट बैंक’ के रूप में नहीं देखना चाहिए। उन्होंने युवाओं को वर्तमान और भविष्य की शक्ति बताते हुए उन्हें कम करके नहीं आंकने की चेतावनी दी।
पार्टी ने बताया कि सभा के दौरान सिक्किम के विभिन्न हिस्सों से 46 परिवार सिटिजन एक्सन पार्टी-सिक्किम में शामिल हुए। पार्टी के अनुसार, वर्तमान सरकार की आर्थिक अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और असमान न्याय व्यवस्था से असंतुष्ट होकर तथा राज्य और राज्यवासियों के हित में पार्टी की नीतियों पर विश्वास जताते हुए इन परिवारों ने पार्टी की सदस्यता ली।
सभा को ममित्रा थापा, दिलमती लिम्बू, बिना शर्मा, सन्जु राई और सुमती छेत्री ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने दावा किया कि ‘आमा सम्मान’ के नाम पर माताओं का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल पद देने से माताओं का सम्मान नहीं होता, बल्कि उन्हें निर्णय लेने के स्थान पर उचित जिम्मेदारी देना जरूरी है। उन्होंने राज्य की राजधानी में केवल दो ‘पिंक बस’ चलाए जाने को महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त नहीं बताया।
वक्ताओं ने कहा कि महिलाएं समाज की मुख्यधारा में निर्णायक भूमिका निभाएं, इसके लिए राजनीतिक नेतृत्व में ईमानदारी जरूरी है। उन्होंने अधिक से अधिक राज्यवासियों से सीएपी-सिक्किम के राजनीतिक संगठन से जुड़कर सकारात्मक राजनीति का उदाहरण प्रस्तुत करने का आह्वान किया।
संगठन महासचिव प्रकाश पराजुली ने आरोप लगाया कि सिक्किम में वर्तमान सरकार के तहत नागरिकों को विवाह करने के लिए भी सरकार की अनुमति लेने जैसी स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री प्रेमसिंह तामांग की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीति और परिवार के बीच सीमा स्पष्ट रहनी चाहिए। उन्होंने सिक्किम की पहचान और अस्तित्व को बनाए रखने पर जोर देते हुए राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर सतर्क रहने की अपील की।
अध्यक्षीय संबोधन में गणेश राई ने कहा कि महिलाओं के अधिकार सुनिश्चित करने के लिए राजनीति में उनकी भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य राजनीतिक संगठन चुनाव जीतने या संगठन में संख्या बढ़ाने के लिए महिलाओं को शामिल करते हैं। राई ने कहा कि महिलाओं की आवश्यकताओं, समस्याओं और उनके समाधान को महिलाएं बेहतर समझती हैं, इसलिए सीएपी-सिक्किम महिला सशक्तिकरण के लिए पार्टी संगठन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने महिलाओं को न्याय दिलाने और निर्णय लेने की स्थिति तक पहुंचाने के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता जताई। राई ने कहा कि क्षमता और दक्षता होने के बावजूद गलत राजनीति के कारण राज्य की महिलाएं विभिन्न मुद्दों पर समझौता करने को मजबूर हैं। राई ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि सिक्किम देश के समृद्ध राज्यों में शामिल होने के बावजूद वर्तमान सरकार की आर्थिक अनुशासनहीनता के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है और इसका सीधा असर महिलाओं पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि सीएपी-सिक्किम की सरकार बनने पर इन समस्याओं के समाधान को सुनिश्चित किया जाएगा।
अध्यक्ष राई ने सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि पांच सितारा होटलों में पांच हजार रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से भोजन और नाच-गाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा सकते हैं, लेकिन विद्यार्थियों के भवन निर्माण के लिए धन नहीं है। उन्होंने राज्यवासियों से ऐसी सरकार की नीयत और कार्यशैली को समय रहते समझने का आग्रह किया। सभा का संचालन महिला परिषद की संगठन महासचिव अर्पणा राई ने किया, जबकि गेजिंग जिले की महिला परिषद उपाध्यक्ष अन्जु शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। सभा में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी, नारी सशक्तीकरण, युवा सहभागिता तथा राज्य के राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर पार्टी की धारणा रखते हुए अधिक से अधिक नागरिकों से राजनीतिक संगठन में सक्रिय रूप से जुड़ने का आह्वान किया गया।
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