‘अफवाहों को रोकें, सही जानकारी दें’, परी बिश्नोई ने BLO को दिए निर्देश

SIR को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

पाकिम : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे चरण को लेकर आज स्थानीय रुर्बन स्थित आरडीडी कम्युनिटी कॉम्प्लेक्स में जिला निर्वाचन अधिकारी सह जिला कलेक्टर परी बिश्नोई की अध्यक्षता में ईआरओ, एईआरओ, बीएलओ पर्यवेक्षक और बीएलओ के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस दौरान, डीईओ बिश्नोई ने एसआईआर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रक्रिया 24 वर्षों बाद देशभर में की आयोजित जा रही है और इसका उद्देश्य स्वच्छ, सही और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करना है। उन्होंने सभी बीएलओ को पूरी ईमानदारी, सावधानी और इस प्रक्रिया की पूर्ण समझ के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का निर्देश देते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर आंशिक रूप से भरे हुए गणना प्रपत्र स्वयं वितरित करें और संग्रह के लिए प्रत्येक घर में तीन बार जाएं। अनुपस्थित परिवारों के मामलों में घर के बाहर स्टिकर लगाने, फोटो लेने और संपर्क विवरण छोड़ने के भी निर्देश दिए गए।

डीईओ ने बीएलओ से नागरिकों को सही जानकारी प्रदान करने, उनकी शंकाओं का तुरंत समाधान करने और इस अभ्यास के संबंध में किसी भी तरह की अफवाह या घबराहट को फैलने से रोकने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना तथा मृत, स्थानांतरित या अपात्र लोगों के नाम हटाना है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि नाम हटाए जाने की स्थिति में जिला और राज्य स्तर पर अपील की व्यवस्था उपलब्ध है।

इसके अलावा, डीईओ ने सभी बीएलओ को यह भी निर्देश दिया कि वे अपने मोबाइल नंबर सक्रिय और पहुंच योग्य रखें, क्योंकि प्रधान कार्यालय से वेरीफिकेशन कॉल किए जा सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी कॉल का जवाब नहीं दिया जाता है, तो संबंधित बीएलओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है।

वहीं, जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर नरेंद्र कुमार भट्टराई ने एसआईआर प्रक्रिया, कार्यक्रम, दस्तावेजों, बीएलओ ऐप और ईसीआईनेट ऐप की जानकारी दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आधार केवल पहचान का प्रमाण है, नागरिकता, पता या जन्मतिथि का प्रमाण नहीं। इसके अलावा, उन्होंने ईआरओ, एईआरओ, बीएलओ सुपरवाइजर, बीएलओ, राजनीतिक पार्टियों और वोटरों की जिम्मेदारियों और उन्हें क्या कदम उठाने हैं, इस पर चर्चा की। साथ ही, उन्होंने यह भी समझाया कि इस संशोधन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने में हर हिस्सेदार की क्या खास भूमिका है।

इस अवसर पर बीएलओ ऐप और ईसीआईनेट ऐप में एसआईआर मॉड्यूल का डेमो भी दिया गया। इसमें पिछले एसआईआर रिकॉर्ड में नाम खोजने के तरीके भी बताए गए। बैठक में एक चर्चा सत्र भी हुआ, जिसमें प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब ईआरओ और जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर ने दिए।

बैठक में एडीसी सबिंद्र राई, एसडीएम थेंडुप लेप्चा, एनके भंडारी, एसके प्रधान, सुजाता सुब्बा सहित एईआरओ, बीएलओ पर्यवेक्षक और बीएलओ उपस्थित रहे।

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