गंगटोक : सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) 23 अक्टूबर को केरलम के राज्यपाल के रूप में ओम प्रकाश माथुर के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने तिरुवनंतपुरम स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर में दर्शन कर सिक्किम की शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
माथुर ने 31 जुलाई 2024 से 19 अक्टूबर 2026 तक सिक्किम के 18वें राज्यपाल के रूप में कार्य किया। हिमालयी राज्य में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद उन्हें केरलम का राज्यपाल नियुक्त किया गया। उनके स्थान पर दुष्यंत कुमार गौतम ने 19 अक्टूबर को सिक्किम के 19वें राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री गोले ने सोशल मीडिया पर एक संदेश के माध्यम से माथुर को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि माथुर का प्रशासनिक अनुभव और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें नई जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभाने में मदद करेगी। गोले ने उनके सफल कार्यकाल की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में केरलम प्रगति, समृद्धि और जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री गोले ने माथुर के साथ तिरुवनंतपुरम स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर में भी दर्शन किए। मंदिर में उन्होंने सिक्किम के लोगों के कल्याण, राज्य की निरंतर प्रगति, सुख-समृद्धि और सामाजिक सद्भाव के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर में दर्शन के अनुभव को सौभाग्यपूर्ण बताते हुए आशा व्यक्त की कि भगवान पद्मनाभस्वामी का आशीर्वाद सिक्किम के लोगों का मार्गदर्शन करता रहेगा और उनकी रक्षा करेगा।
इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने केरल के पारंपरिक व्यंजन सद्या का भी स्वाद लिया। केले के पत्ते पर परोसा जाने वाला यह पारंपरिक भोज केरल की विविध पाक परंपराओं, प्राचीन रीति-रिवाजों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। गोले ने इसे यादगार अनुभव बताते हुए केरल की विशिष्ट संस्कृति, पारंपरिक स्वाद और गर्मजोशी भरे आतिथ्य की सराहना की।
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