नामची : प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन को लेकर राज्य विद्युत विभाग के अंतर्गत सिक्किम नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी द्वारा आज यहां एक जागरुकता और प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य पूरे राज्य में सौर ऊर्जा को अपनाने को बढ़ावा देना और 26 मई को “सौर माह” के रूप में मनाना था।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित नामची-सिंगीथांग के विधायक सतीश चंद्र राई ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का कार्यान्वयन सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के सतत विकास, स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार शासन के माध्यम से एक “सुनहरे, समृद्ध और समर्थ सिक्किम” के निर्माण की चाहत के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
उन्होंने सौर ऊर्जा को अपनाने के पर्यावरणीय और आर्थिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए योजना के तहत सर्वाधिक पंजीकरण सुनिश्चित करने और इस योजना के अंतर्गत “आदर्श सौर ग्राम” के रूप में उभरने के लिए मिखोला जीपीयू की सराहना की। उन्होंने उक्वमीद जतायी कि यह उपलब्धि अन्य क्षेत्रों को भी इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करेगी।
कार्यक्रम में एजेंसी निदेशक जीवन थापा ने अपनी प्रस्तुति में राज्य में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन और प्रगति का एक समग्र अवलोकन प्रस्तुत किया। उन्होंने सतत विकास सुनिश्चित करने और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस योजना को अपनाने के लिए सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने ज़ोरदार प्रोत्साहन दिया है।
उन्होंने सभी कार्यालय प्रमुखों और सरकारी अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे इस योजना को सक्रिय रूप से अपनाएं और इसका प्रचार करें, ताकि आम जनता भी इसे बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए प्रेरित हो सके। उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री ने छोटे व्यवसायियों, विशेष रूप से होमस्टे मालिकों के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी विचार किया है। उनकी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सिक्किम में होमस्टे को ‘व्यावसायिक उपभोक्ता’ के बजाय ‘घरेलू उपभोक्ता’ की श्रेणी में रखने की अनुमति दे दी है।
थापा ने आगे जानकारी दी कि फरवरी 2024 में योजना के लॉन्च होने के बाद से, पूरे राज्य में ऐसे ब्लॉकों की पहचान की गई है जहां सौर ऊर्जा को अपनाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि नामची जिले में आयोजित एक प्रतिस्पर्धी पहल के तहत, मिखोला जीपीयू ने योजना के तहत सबसे ज़्यादा पंजीकरण दर्ज किए। इसके परिणामस्वरूप, उसे मॉडल सोलर गांव का खिताब दिया गया।
वहीं, अपने धन्यवाद प्रस्ताव में नामची बीडीओ उपेंद्र राई ने इस बात पर जोर दिया कि योजना के तहत जनता की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर जागरूकता को मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों, जागरूकता अभियानों और विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल का सहारा लिया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान, नामची जिले में ‘मॉडल सोलर विलेज’ पहल का विजेता बनने के लिए मिखोला जीपीयू को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, योजना को पहले अपनाने वाले टिला रूपा छेत्री, कविता तमांग और जस बहादुर राई को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नामची नगर परिषद उपाध्यक्ष सरस्वती शर्मा, पार्षद, मिखोला-सिंघिथांग जीपीयू के जिला पंचायत सदस्य सुरेन राई और अन्य सदस्य, नामची एडीसी तिरसांग तमांग, विभिन्न विभागों के प्रमुख एवं अन्य उपस्थित थे।
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