पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों के अनुभव से बनेगा सक्षम सिक्किम: कला राई

गंगटोक : सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) पंचायत प्रकोष्ठ के तत्वावधान में चलाए जा रहे पंचायत परामर्श अभियान के तहत सोरेंग जिले के दरमदिन समष्टि अंतर्गत ओखरे में शनिवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक एवं सिक्किम विधानसभा अध्यक्ष एमएन शेरपा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शेरपा ने समाजसेवा और जनहित के लिए समर्पित पंचायत प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की बुनियादी जरूरतों को संबोधित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण गरीब और मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से वंचित न होना पड़े, इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही है। स्नातक से लेकर पीएचडी स्तर तक पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को जरूरत के अनुसार सहायता दी जा रही है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार बीमार और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के इलाज को भी प्राथमिकता दे रही है। स्थानीय विकास कार्यों के लिए सभी पक्षों के बीच सहयोग और समन्वय जरूरी है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता की सेवा करने का आह्वान किया।

शेरपा ने पंचायत प्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर होने वाली अनावश्यक आलोचनाओं और टिप्पणियों से विचलित नहीं होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता के हित में ईमानदारी से काम करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को नेतृत्व का सहयोग मिलता रहेगा। उन्होंने जनहित में लगातार काम कर रहे पंचायत प्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए भविष्य में और अधिक सक्रिय, जिम्मेदार तथा समन्वित तरीके से कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंचायत प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष एवं प्रभारी विधायक कला राई ने पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों की शिकायतों, समस्याओं और अनुभवों को गंभीरता से सुनकर उनके समाधान की दिशा में पहल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों के लंबे अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान का उपयोग स्वर्णिम, समृद्ध और सक्षम सिक्किम के निर्माण में किया जा सकता है। राई ने पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों के कल्याण और हितों को सुनिश्चित करने के लिए पंचायत कल्याण बोर्ड के गठन की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए। जिन वार्डों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की संख्या अधिक है, उन्हें विशेष प्राथमिकता देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गरीब और वंचित लोगों का उत्थान मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व वाली सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

विधायक राई ने पंचायत प्रतिनिधियों से उन्हें प्राप्त अधिकारों और शक्तियों का सदुपयोग करते हुए जनता के हित में ईमानदारी से काम करने की अपील की। उन्होंने प्रतिनिधियों से अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को प्राथमिकता देते हुए संगठन तथा जनता के हित में समर्पित होकर कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में पंचायत प्रकोष्ठ के राज्य, जिला और समष्टि स्तर के पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, जिला पंचायत अध्यक्ष, ओएसडी, सलाहकार तथा महिला एवं युवा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

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