नई दिल्ली । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर सरकार का सख्त रुख साफ कर दिया है। गुजरात के गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में मौजूद हर अवैध घुसपैठिए की पहचान कर उसे बाहर किया जाएगा ।
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार देश की सीमाओं को सुरक्षित करने और अवैध घुसपैठ को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपने संबोधन में दावा किया कि पहले की तुलना में सीमा पर घुसपैठ की घटनाओं में कमी आई है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के कई क्षेत्रों में भाजपा सरकार के तहत विकास कार्यों को गति मिली है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हुए कहा, मैं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को महज सात दिनों के भीतर बीएसएफ को 600 हेक्टेयर भूमि सौंपने के लिए बधाई देना चाहता हूं। चिकन नेक क्षेत्र में 121 हेक्टेयर भूमि भी केंद्र सरकार को सौंप दी गई है।
गांधीनगर जिले के सोनीपुर गांव में 340 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सरकार ने चुनावी वादे के अनुसार सीमा सुरक्षा से जुड़े कार्यों में तेजी दिखाई है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान जनता से यह वादा किया गया था कि सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी का काम तेजी से शुरू किया जाएगा, जिसे अब लागू किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 10 दिनों में गांधीनगर और कलोल विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 1200 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ या उद्घाटन किया गया है, जिनमें पेयजल परियोजनाएं, आंगनबाड़ी केंद्रों का सौंदर्यीकरण और ग्रामीण विकास योजनाएं शामिल हैं।
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासनकाल में घुसपैठ की घटनाएं बढ़ी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई। अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार देश की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अवैध घुसपैठ के खिलाफ कड़ा अभियान जारी रहेगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि सरकार बीएसएफ चौकियों के निर्माण और कटीले तारों की बाड़ लगाने के काम में सक्रिय रूप से सहयोग कर रही है। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा पुख्ता करने के लिए बीएसएफ को अतिरिक्त जमीन सौंपी गई है, जिसके तहत अब तक कुल 142.79 एकड़ जमीन का आवंटन किया जा चुका है। बता दें कि, राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में इस संबंध में फैसला लिया था। सरकार ने 45 दिनों के भीतर कुल 600 एकड़ जमीन सौंपने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में अब तक की प्रगति को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस जमीन के आवंटन से भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने (फेनसिंग) के काम में तेजी आएगी, जिससे सीमा पर निगरानी और घुसपैठ रोकने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
No Comments: