नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वर्ष 2026 के पहले तीन महीनों में 73 मादक पदार्थ अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को बधाई दी है। शाह ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘हमारे युवाओं को नशीले पदार्थों की महामारी से बचाने के लिए मोदी सरकार दृढ़ता से ड्रग कार्टलों का सफाया करने के साथ ही उनकी सजा भी सुनिश्चित कर रही है। ड्रग रैकेटों की सांस लेने की हर जगह बंद करने के लिए एनसीबी पूरी ताकत के साथ संकल्पबद्ध है।
वर्ष 2026 की पहली तिमाही यानी जनवरी से मार्च तक, एनसीबी ने 35 मामलों में 73 ड्रग अपराधियों को दोषी करार दिया है। इनमें से चार अपराधियों को अधिकतम 20 वर्ष की सजा सुनाई गई, जबकि 54 अन्य को 10 वर्ष या उससे अधिक की सजा दी गई। दोषियों पर कुल 1.22 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
एनसीबी की मुकदमों की निगरानी पर केंद्रित रणनीति के कारण दोषसिद्धि दर में निरंतर वृद्धि हुई है। यह दर वर्ष 2024 में 60.5 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2025 में 65.5 प्रतिशत हो गई और अब वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 68.6 प्रतिशत पहुंच गई है।
महत्वपूर्ण दोषसिद्धियों में वर्ष 2021 में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 2.757 किलोग्राम हेरोइन जब्ती का अंतरराष्ट्रीय हेरोइन तस्करी मामला और वर्ष 2022 में फाजिल्का इंडो-पाक बॉर्डर पर 4.235 किलोग्राम हेरोइन जब्ती का मामला शामिल हैं। इन दोनों मामलों में दो विदेशी तस्करों को 20 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
एक अन्य महत्वपूर्ण दोषसिद्धि वर्ष 2023 के स्यूडोएफेड्रिन डायवर्सन मामले में प्राप्त हुई, जिसमें हरियाणा का सोनीपत स्थित एम/एस आल्प्स लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड शामिल था। इस मामले में डायरेक्टर समेत तीन आरोपियों को सात वर्ष की कठोर कारावास की सजा के साथ-साथ प्रत्येक पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। कंपनी को भी दोषी ठहराया गया। 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। एनसीबी द्वारा कंपनी को स्यूडोएफेड्रिन निर्माण की अनुमति भी वापस ले ली गई है।
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