पटना । बिहार की राजधानी पटना को इस मॉनसून में जल-जमाव की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने साफ़ शब्दों में चेतावनी दी है कि बारिश के दौरान अगर अधिकारियों की लापरवाही से जनता को परेशानी हुई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को विभागीय सभागार में मॉनसून 2026 की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में पटना नगर निगम के साथ-साथ दानापुर, फुलवारीशरीफ, खगौल और संपतचक इलाकों में नालों की सफाई, पंपिंग सेटों की स्थिति और मशीनों की उपलब्धता की बारीकी से समीक्षा की गई। मंत्री नीतीश मिश्रा ने अधिकारियों से पिछले एक महीने में हुए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की है।
बैठक में जल-जमाव से तुरंत निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम को मजबूत करने का फैसला लिया गया। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने निर्देश देते हुए कहा कि क्विक रिस्पांस टीम के सभी कर्मचारियों को फुल रेनकोट यूनिफॉर्म, विशेष जूते और उचित उपकरण किट दी जाए, ताकि वे भारी बारिश में भी बिना किसी रुकावट के काम कर सकें। उन्होंने कहा कि मैनहोल की सफाई के लिए इंसानों की जगह नई और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल तुरंत शुरू किया जाए। साथ ही खुले नालों का भौतिक सत्यापन होगा और जियोटैगिंग वाले फोटोग्राफ्स के जरिए काम की मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि बड़े नालों के जो हिस्से आपस में जुड़े नहीं हैं, उन्हें समय पर जोड़ा जाए और आवश्यकतानुसार नए पंप लगाए जाएं।
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि जो लोग ग्राम पंचायतों से आकर नए शहरी क्षेत्रों में बसे हैं, उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाएं देना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी संवेदनशीलता के साथ काम करें। जनहित के कार्यों में ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, विधायक श्याम रजक, रत्नेश कुमार, संजीव चौरसिया और संजय कुमार मौजूद रहे। साथ ही नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, बुडको के एमडी अनिमेष कुमार पराशर, पटना की मेयर सीता साहू, निगम आयुक्त यशपाल मीणा और उपमहापौर रेशमी कुमारी समेत कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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