पाकिम : कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (एटीएमए), पाकिम जिले की ओर से किसानों के मित्रों, ब्लॉक किसान सलाहकार समिति (बीएफएसी) के अध्यक्षों, प्रगतिशील किसानों और विभागीय अधिकारियों के लिए एकीकृत जैविक कृषि प्रणाली (आईओएफएस) पर राज्य के भीतर अनुभव दौरा सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को टिकाऊ कृषि उत्पादन, विविधीकृत खेती और खेतों में अपनाई जा सकने वाली नवीन तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी देना था।
कार्यक्रम में एटीएमए पाकिम के परियोजना निदेशक छेरिंग छोपेल भूटिया और उप परियोजना निदेशक रेबेका गुरुंग के साथ कृषि विकास अधिकारी, बागवानी विकास अधिकारी, ब्लॉक प्रौद्योगिकी प्रबंधक, कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधक, कृषि निरीक्षक, बागवानी निरीक्षक तथा कृषि एवं बागवानी विभाग के अन्य क्षेत्रीय कर्मचारी शामिल हुए। अनुभव दौरे के दौरान दल ने मिंग्मा थार्पू शेरपा के कीवी फार्म स्कूल का भ्रमण किया। यहां प्रतिभागियों को कीवी की खेती और बागवानी फसलों के विविधीकरण के माध्यम से किसानों की आजीविका बढ़ाने की संभावनाओं के बारे में जानकारी मिली।
इसके बाद दल ने पासंग पालदेन शेरपा के सीधे बीज बोने वाले धान के प्रदर्शन खेत का दौरा किया। यहां सुखा धान पद्धति के तहत धान की खेती का प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों ने इस वैकल्पिक पद्धति, संसाधनों के बेहतर उपयोग और टिकाऊ फसल प्रबंधन के संभावित लाभों को समझा।
दल ने मिंग्मा शेरपा के एकीकृत जैविक कृषि प्रणाली फार्म स्कूल का भी दौरा किया, जहां खेत में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसमें खेती के विभिन्न घटकों को एक-दूसरे से जोड़ने, कृषि संसाधनों के पुनर्चक्रण, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री के उपयोग और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के जरिए उत्पादकता तथा किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए परियोजना निदेशक छिरिंग छोपेल भूटिया और उप परियोजना निदेशक रेबेका गुरुंग ने खेतों में प्रत्यक्ष सीखने, किसानों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान तथा नवाचारपूर्ण और टिकाऊ कृषि तकनीकों को अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को जिले के अन्य किसानों तक पहुंचाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में संबंधित फार्म स्कूलों के प्रशिक्षकों ने भी अपने अनुभव और खेती में अपनाई जा रही पहल साझा की। राज्य किसान सलाहकार समिति (एसएफएसी) के अध्यक्ष दिलीप प्रधान ने किसानों की भागीदारी मजबूत करने, प्रगतिशील कृषि पहलों को प्रोत्साहित करने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
कृषि प्रशिक्षण और अनुभव दौरे के समापन पर प्रतिभागियों ने राबांग्ला स्थित बुद्ध पार्क का भ्रमण किया। इस कार्यक्रम ने किसानों और विभागीय कर्मियों को व्यावहारिक जानकारी साझा करने तथा एकीकृत जैविक खेती की संभावनाओं को समझने का अवसर दिया। एटीएमए पाकिम ने इस पहल के माध्यम से कृषि विस्तार सेवाओं को मजबूत करने और किसान-केंद्रित टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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