मंगन : कृषि विभाग के अंतर्गत कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (एटीएमए), मंगन जिले की ओर से चुंगथांग ब्लॉक के छोटेन में कृषि एवं बागवानी फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) और एकीकृत रोग प्रबंधन (आईडीएम) पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को सिक्किम की जैविक खेती की परंपराओं के अनुरूप कीटों और फसलों के रोगों के नियंत्रण के लिए पर्यावरण अनुकूल एवं टिकाऊ तरीकों की जानकारी देना था। कार्यक्रम में वार्ड पंचायत उमा लेप्चा अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं और किसानों से बातचीत की।
कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), मंगन की विषय विशेषज्ञ (पादप संरक्षण) कर्मा दोमा भूटिया ने तकनीकी सत्र में किसानों को फसलों में लगने वाले सामान्य कीटों एवं रोगों की पहचान, रोकथाम और जैविक नियंत्रण के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने फसल प्रबंधन, यांत्रिक विधियों, जैविक नियंत्रण, वनस्पति आधारित तैयारियों और जैव-इनपुट के इस्तेमाल की जानकारी दी। केवीके मंगन के मृदा विज्ञान विशेषज्ञ पाल्देन भूटिया ने मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और स्वस्थ फसल उत्पादन के लिए टिकाऊ मृदा प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में कृषि विभाग की फील्ड असिस्टेंट छिरिंग जांग्मू लाचेन्पा सहित विभागीय कर्मचारियों ने भाग लिया। क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और कीट एवं रोग प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच संवाद का अवसर मिला। इसमें सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल जैविक तरीकों को अपनाकर फसलों के स्वास्थ्य और उत्पादकता में सुधार लाने पर जोर दिया गया।
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