सोरेंग : सोरेंग नगर पंचायत क्षेत्र में शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला प्रशासनिक केंद्र में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सोरेंग-च्याखुंग के विधायक आदित्य गोले की अध्यक्षता में हुई बैठक में सिक्किम एकीकृत शहरी विकास परियोजना (एसआईयूडीपी) के तहत प्रस्तावित विभिन्न विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सोरेंग के जिला कलेक्टर धीरज सुबेदी, परियोजना प्रबंधक भूपेंद्र कुठारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। परियोजना के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित निर्माण कार्यों और बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी।
उल्लेखनीय है कि सिक्किम एकीकृत शहरी विकास परियोजना राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी सात वर्षीय योजना है, जिसे वर्ष 2025 से 2032 तक शहरी विकास विभाग द्वारा एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की वित्तीय एवं तकनीकी सहायता से लागू किया जा रहा है।
बैठक में सोरेंग में प्रस्तावित ट्रांजिट हब सह सामुदायिक परिसर के निर्माण पर विशेष चर्चा हुई। इस बहुउद्देश्यीय परिसर में सार्वजनिक परिवहन, पार्किंग, कार्यालय और सामुदायिक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। परिसर के भूतल पर 10 बसों के लिए पार्किंग, यात्रियों के प्रतीक्षालय, चालकों के विश्राम कक्ष, एसएनटी कार्यालय, शौचालय और लिफ्ट की व्यवस्था प्रस्तावित है।
परिसर की ऊपरी मंजिलों पर चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा होगी। इसके अलावा कार्यालय, दुकानें, बैंक्वेट हॉल, खेलकूद हॉल और सामुदायिक सभागार भी बनाए जाने की योजना है। इससे शहर में पार्किंग की समस्या और यातायात जाम को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बैठक में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण का प्रस्ताव भी प्रमुखता से रखा गया। इस संयंत्र के माध्यम से गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से शोधन किया जाएगा, जिससे जल प्रदूषण कम करने, स्थानीय जलस्रोतों की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
अधिकारियों ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे सोरेंग में सुनियोजित शहरी विकास, बेहतर परिवहन व्यवस्था, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है।
बैठक में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के विकसित सिक्किम के दृष्टिकोण के अनुरूप संतुलित क्षेत्रीय विकास पर भी जोर दिया गया। परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शहरी विकास विभाग, जिला प्रशासन, नगर पंचायत और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को आवश्यक बताया गया।
इस अवसर पर सोरेंग नगर पंचायत की अध्यक्ष दीना हांगमा सुब्बा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर डीआर बिष्ट, डीएफओ पेग्यिला वेन्चुंग्पा, अभियंता नयन बराइली, महाप्रबंधक अनुला गुरुंग, नगर कार्यकारी अधिकारी रोशन शर्मा, मैरीगोल्ड लक्सम, सुदीप तमांग, विकास सुब्बा, संजय खड़का और परियोजना प्रबंधक निरंजन कपिल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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