मंगन : आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मंगन के पुलिस अधीक्षक रिनजिंग चोपेल राई ने चुंगथांग एसडीपीओ चंदन छेत्री के साथ लाचुंग पुलिस थाना एवं जांच चौकी, युमेसामदोंग पुलिस चौकी तथा जीरो प्वाइंट का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने पर्यटकों की सुरक्षा, वाहनों की सुचारु आवाजाही तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने प्रतिबंधित एवं संरक्षित क्षेत्र परमिट (आरएपी/पीएपी) की सख्ती से जांच करने तथा पर्यटक वाहनों के लिए निर्धारित समय का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और आपात स्थिति में त्वरित सूचना आदान-प्रदान की व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने लाचुंग में 115 ग्रेफ के प्रभारी अधिकारी अतुल भारद्वाज के साथ समन्वय बैठक भी की। बैठक में विशेष रूप से संवेदनशील और यातायात दबाव वाले सडक़ मार्गों पर यात्रियों एवं पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चर्चा हुई। दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक स्थानों पर सुरक्षा संकेतक और रिफ्लेक्टर लगाने तथा लाचुंग के जीरो प्वाइंट में वाहनों की भीड़ कम करने के उद्देश्य से पार्किंग क्षेत्र का विस्तार करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इससे पहले, पुलिस अधीक्षक ने चुंगथांग में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की 11वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर देबनाथ राय से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों के बीच आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। पुलिस विभाग के अनुसार, यह निरीक्षण मंगन जिले की यातायात एवं गतिशीलता सुदृढ़ीकरण रणनीति के तहत किया गया है। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर मौजूद चुनौतियों की पहचान कर पर्यटन सीजन के लिए पुलिस बल की तैनाती और यातायात प्रबंधन संबंधी उपायों को अंतिम रूप देना है।
मंगन जिला पुलिस ने पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के साथ ही आपातकालीन तैयारियों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
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