डिजिटल कृषि से मजबूत होगी पाकिम की खेती, कर्मियों को दिया प्रशिक्षण

पाकिम : पाकिम जिला के कृषि एवं उद्यान विभाग के तत्वावधान में गुरुवार को रर्बन हॉल में बीज उत्पादन एवं कृषि डिजिटल पहलों पर प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित की गयी। इसका उद्देश्य विभागीय कर्मियों के तकनीकी ज्ञान को मजबूत करना, बीज उत्पादन की प्रक्रियाओं में सुधार लाना तथा विभिन्न कृषि योजनाओं, कार्यक्रमों और डिजिटल पहलों के प्रति क्षेत्रीय कर्मियों को जागरूक करना था।

कार्यक्रम में कृषि एवं उद्यान विभाग के सभी उपनिदेशक, एडीओ, एचडीओ, कृषि निरीक्षक, उद्यान निरीक्षक, वीएलडब्ल्यू, बीज निरीक्षक, एटीएम, बीटीएम सहित पाकिम जिले के अन्य क्षेत्रीय कर्मियों ने भाग लिया। इस दौरान तकनीकी विषयों पर चर्चा, अनुभवों का आदान-प्रदान और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वय पर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत कृषि विकास अधिकारी ताशी ग्यात्सो भूटिया के स्वागत संबोधन से हुई। इसके बाद रेणुका शर्मा ने अवकाश नियमों और अन्य सेवा संबंधी विषयों पर जानकारी दी।

एग्रीस्टैक और डिजिटल क्रॉप सर्वे की दी जानकारी पाकिम की कृषि उपनिदेशक रेबेका गुरुंग ने एग्रीस्टैक-फार्मर्स रजिस्ट्री (एफआर) और डीसीएस पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जिले में इन पहलों की प्रगति, क्षेत्रीय स्तर पर क्रियान्वयन और की जा रही गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने एनएमईओ-ओएस और एनएफएसएनएम के तहत होने वाले प्रदर्शनों की जानकारी देते हुए प्रभावी कृषि योजना और क्रियान्वयन के लिए कृषि मैपिंग को अनिवार्य बताया। उन्होंने पीडीएमसी, नवस्थापित क्लस्टरों और स्कूल सॉयल हेल्थ कार्यक्रम की भी जानकारी दी। एटीएमए के तहत सभी एटीएम और बीटीएम द्वारा किए जाने वाले एफओए के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी पर जोर दिया। साथ ही सभी स्तरों पर विभागीय अभिलेखों के व्यवस्थित रख-रखाव और समय पर अद्यतन करने की आवश्यकता बतायी।

उन्होंने सिक्किम सरकार की नयी पहल एईबीएएस के माध्यम से उपस्थिति प्रणाली की जानकारी देते हुए इसके क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों को जागरूक किया। एडीओ बिनीता छेत्री ने सीसीई एग्रीकल्चर एप्लीकेशन पर सत्र लिया। उन्होंने इसके क्रियान्वयन और क्षेत्रीय स्तर की गतिविधियों की जानकारी देते हुए प्रभावी कार्यान्वयन एवं निगरानी पर जोर दिया तथा सीसीई एग्री ऐप पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

एडीओ गगन गुरुंग ने बीज उत्पादन और साथी पोर्टल पर तकनीकी सत्र लिया। उन्होंने बीज उत्पादन की प्रक्रियाओं, पंजीकरण संबंधी प्रक्रिया और इससे जुड़े डिजिटल कार्यों की जानकारी दी। उद्यान विभाग की उपनिदेशक हिस्से छेड़े भूटिया ने विभिन्न उद्यान गतिविधियों पर जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्र विस्तार के तहत स्थापित फलों एवं अन्य उद्यान फसलों के सभी क्लस्टरों का उचित अभिलेख रखने और नियमित निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से चेरी पेपर, बड़ी इलायची और सिक्किम मैंडरिन के खेतों की करीबी निगरानी तथा गतिविधियों के उचित क्रियान्वयन और फॉलोअप सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इसके अलावा उद्यान उत्पादन को मजबूत करने के लिए कीवी फल की ग्राफ्टिंग को बढ़ावा देने और इसे अपनाने पर भी जोर दिया। कार्यशाला में संवादात्मक चर्चा सत्र भी हुआ, जिसमें अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मियों ने विभिन्न क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा की, अनुभव साझा किए तथा विभागीय कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक स्पष्टीकरण प्राप्त किए।

कृषि विभाग, पाकिम के अपर निदेशक छिरिंग छोपेल भूटिया ने मुख्य संबोधन में विभागीय कार्यक्रमों के समयबद्ध क्रियान्वयन, प्रभावी क्षेत्रीय निगरानी, समन्वित प्रयासों और क्षेत्रीय कर्मियों की तकनीकी क्षमता मजबूत करने पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन एडीओ रिनॉक कृष्ण कुमार ढकाल के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। कृषि निरीक्षक सबीना गुरुंग ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि पाचेय सामसिंग के कर्मचारियों ने पंजीकरण और अन्य व्यवस्थाओं का समन्वय किया। कार्यशाला को पाकिम जिले में किसानोन्मुखी योजनाओं की बेहतर पहुंच, तकनीकी क्षमता निर्माण, विभागीय समन्वय तथा कृषि एवं उद्यान गतिविधियों की प्रभावी निगरानी, दस्तावेजीकरण और क्रियान्वयन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच बताया गया।

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