17 स्वच्छता वाहनों व दो एंबुलेंस को दिखाई हरी झंडी
गंगटोक : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर सिक्किम में गुरुवार को ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान का राज्यस्तरीय शुभारंभ गंगटोक के रिज पार्क में हुआ। राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए, जबकि मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की विशेष उपस्थिति रही। 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान का विषय ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखा गया है।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में रिज पार्क में एक हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। राज्यपाल सहित उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। अभियान का उद्देश्य राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा जनभागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित है। अभियान को पांच प्रमुख स्तंभों के आधार पर संचालित किया जाएगा, जिनमें स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों एवं सार्वजनिक स्थलों का कायाकल्प, ‘स्वच्छ पाठशाला : युवा फॉर स्वच्छता’, सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर, स्वच्छता के लिए जनभागीदारी और ‘स्वच्छता से समृद्धि’ शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास विभाग के तहत 17 स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इनमें पांच मोबाइल ट्रीटमेंट यूनिट शामिल हैं, जिनमें दो गंगटोक तथा नामची, मंगन और गेजिंग के लिए एक-एक यूनिट है। इसके अलावा गंगटोक और पाकिम के लिए दो सेसपूल वाहन तथा विभिन्न ग्राम पंचायत इकाइयों के लिए 10 रिसोर्स रिकवरी वाहन रवाना किए गए। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से मोबाइल ट्रीटमेंट यूनिट के संचालन के लिए तैयार मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का भी विमोचन किया गया। इसका उद्देश्य स्वच्छता और सेप्टेज प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाना तथा संबंधित सेवाओं को बेहतर करना है।

स्वच्छता अभियान के तहत स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा गया है। गंगटोक नगर निगम क्षेत्र में कचरा प्रबंधन एवं स्वच्छता गतिविधियों में कार्यरत नौ स्वयं सहायता समूहों को पहली किस्त के रूप में 25-25 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए। इनमें खुशी, सनशाइन, संस्कार, आविष्कार, डायमंड, सुनाखरी, यूनाइटेड, कोशिश और लक्ष्य समूह शामिल हैं। ये समूह घर-घर जागरूकता, कचरे से खाद तैयार करने और अन्य स्वच्छता गतिविधियों में भाग लेंगे।
इस अवसर पर शहरी विकास विभाग ने ‘क्लीन हिल हिमालयन सिटीज इनिशिएटिव’ का लोगो भी जारी किया। इसका उद्देश्य हिमालयी शहरों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और स्थायी स्वच्छता व्यवस्था विकसित करना है। कार्यक्रम के दौरान लोकभवन सिक्किम की पहल पर भारतीय स्टेट बैंक के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) सहयोग से दो एंबुलेंस भी उपलब्ध कराई गईं। इनमें एक एंबुलेंस सोरेंग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और दूसरी पीएमश्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के लिए है। राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने दोनों एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सोरेंग पीएचसी की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ स्मृति राई और गेजिंग के जिला कलेक्टर तेनजिंग डी डेन्जोंग्पा को वाहनों की चाबियां सौंपीं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस और ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के दौरान की गई यह पहल सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और बेटियों की शिक्षा को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नागरिकों के कल्याण के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करना सरकार का संवैधानिक एवं नैतिक दायित्व है। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास एवं सहकारिता मंत्री अरुण उप्रेती, शहरी विकास एवं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री भोज राज राई, विधायक एवं सलाहकार दिले नामग्याल बारफुंग्पा, तेनजिंग नोरबू लाम्टा, मुख्य सचिव आर. तेलंग, शहरी विकास आयुक्त सह सचिव जितेंद्र सिंह राजे, ग्रामीण विकास सचिव अनिल राज राई, शहरी विकास सचिव यिशे डी. योंगदा सहित वरिष्ठ अधिकारी, जीएमसी पार्षद, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम लोग उपस्थित रहे।
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