भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में पहले सुरक्षा, फिर निर्माण

संवेदनशील इलाकों में निर्माण से पहले भूगर्भीय जांच जरूरी: पामिन लेप्चा

पाकिम : बरापाथिंग, फेरी वार्ड में भूस्खलन और उससे उत्पन्न समस्याओं का जायजा लेने के लिए गुरुवार को महिला, बाल, वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग की विधायक-सह-सलाहकार पामिन लेप्चा (Pamin Lepcha) की अगुवाई में संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाकिम की जिला कलेक्टर परी बिश्नोई (Pari Bishnoi) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने मौके की स्थिति का आकलन किया।

संयुक्त निरीक्षण का उद्देश्य भूस्खलन से हुए नुकसान, समस्याओं के मूल कारणों और तत्काल राहत के साथ-साथ दीर्घकालिक समाधान के उपायों की पहचान करना था। इस दौरान मलबा डंपिंग, सड़क संपर्क, पेयजल आपूर्ति, जल निकासी, प्राकृतिक जलधाराओं के अवरोध और भूस्खलन से हुए नुकसान से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। स्थानीय लोगों ने भी अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं और समाधान के लिए सुझाव दिए।

पामिन लेप्चा ने स्थानीय लोगों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को संवेदनशील भौगोलिक एवं पर्यावरणीय क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान क्षेत्र भूस्खलन और अन्य भूगर्भीय जोखिमों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। ऐसे में सड़क कटिंग और अन्य निर्माण कार्यों से पहले उचित भूगर्भीय आकलन, जल निकासी की योजना तथा सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाने चाहिए।

उन्होंने संबंधित एजेंसियों को अगले हिस्से में काम शुरू करने से पहले जरूरी सुरक्षा एवं स्थिरीकरण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही क्षेत्र का 360 डिग्री आकलन करने पर जोर दिया, जिसमें भूगर्भीय स्थिति, ढलान की स्थिरता, जल निकासी, जल प्रवाह और आसपास के क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव को शामिल किया जाए। उन्होंने सभी विभागों के बीच नियमित समन्वय और संयुक्त निरीक्षण जारी रखने को कहा।

पेयजल संकट के मुद्दे पर सलाहकार ने क्षतिग्रस्त जलापूर्ति लाइनों की मरम्मत को प्राथमिकता देने और लोगों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने खान एवं भूविज्ञान विभाग को पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय कर क्षेत्र का व्यापक तकनीकी सर्वेक्षण करने तथा उसकी भूगर्भीय स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा। सड़क संपर्क को भी प्राथमिकता देते हुए उन्होंने दशहरा से पहले संपर्क बहाल करने के उद्देश्य से कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

जिला कलेक्टर परी बिश्नोई ने संबंधित विभागों, एनएचआईडीसीएल और खान एवं भूविज्ञान विभाग को क्षेत्र में संरचनात्मक क्षति, ढलान की अस्थिरता और मकानों के प्लिंथ खिसकने का व्यापक तकनीकी आकलन करने का निर्देश दिया। खान एवं भूविज्ञान विभाग को ऊपरी ढलानों का तत्काल पुनः सर्वेक्षण कर मलबा डंपिंग, ढलान की गतिविधियों और प्राकृतिक जल निकासी में आए बदलावों का आकलन करने को कहा गया।

एनएचआईडीसीएल को साइट की ड्रेनेज योजना और नक्शा प्रस्तुत करने तथा निर्माण एजेंसियों को निर्माण से पहले के फोटो, बेसलाइन रिकॉर्ड और ड्रोन इमेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इन रिकॉर्डों की ऐतिहासिक सैटेलाइट तस्वीरों और पंचायत की रिपोर्टों से तुलना कर यह तकनीकी रूप से निर्धारित किया जाएगा कि निर्माण गतिविधियों का भूस्खलन और संपत्तियों को हुए नुकसान से कोई संबंध रहा है या नहीं।

कलेक्टर ने कहा कि मरम्मत और मुआवजा प्रक्रिया शुरू करने से पहले संरचनात्मक नुकसान, विशेषकर प्लिंथ खिसकने के कारणों का तकनीकी निर्धारण आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्माण गतिविधियों, अनुचित मलबा डंपिंग या पानी के गलत निकास के कारण नुकसान हुआ है, तो आधिकारिक राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) से बाहर होने के आधार पर ऐसे मामलों को स्वतः ‘बियॉन्ड आरओडब्ल्यू’ नहीं माना जाएगा। प्रभावित संपत्तियों के नुकसान के आकलन के लिए एक समर्पित टास्क फोर्स निरीक्षण फाइल तैयार करेगी।

डीएफओ (टी) सोनम पिंटसो भूटिया ने वन क्षेत्रों में मलबा डंपिंग से जुड़े प्रावधानों और अनधिकृत डंपिंग के कानूनी प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने लोगों से निर्धारित क्षेत्रों में अवैध डंपिंग की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की। एसडीएम पाक्योंग नीलकंठ भंडारी ने भी प्राकृतिक आपदा की आशंका या किसी अन्य समस्या की जानकारी प्रशासन को तत्काल देने का आग्रह किया।

बीडीओ पारखा ने क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए पेयजल संकट की ओर ध्यान आकृष्ट किया और प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कदम उठाने पर जोर दिया। संयुक्त निरीक्षण से पहले पामिन लेप्चा और जिला कलेक्टर परी बिश्नोई ने पखानवेद फाउंडेशन की ओर से आयोजित सामुदायिक पौधरोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके बाद दोनों ने लिंके स्थित बहाई स्कूल का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद भी किया।

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