पाकिम : पाकिम जिले में मतदान केंद्रों के युक्तिकरण को अंतिम रूप देने के लिए आज स्थानीय जिला प्रशासनिक केंद्र में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) सह एडीसी (मुख्यालय) सबिंद्र राई, ईआरओ सह एसडीएम (मुख्यालय) थेंडुप लेप्चा, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
इस दौरान ईआरओ सबिंद्र राई ने निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के लिए निर्धारित मानदंडों और दिशानिर्देशों की जानकारी दी और मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की प्रगति पर भी प्रकाश डाला। ईआरओ ने उपस्थित प्रतिनिधियों को युक्तिकरण के लिए चिह्नित मतदान केंद्रों की अंतिम सूची से अवगत कराया। उन्होंने गणना प्रपत्रों के समय पर डिजिटलीकरण के महत्व पर जोर देते हुए सभी हितधारकों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने में सहयोग की अपील की।
इस अवसर पर ईआरओ सह एसडीएम (मुख्यालय) थेंडुप लेप्चा ने एसआईआर के दौरान सामने आई मतदाता मानचित्रण से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और बूथ लेवल एजेंटों से उन मतदाताओं की पहचान में सहयोग करने की अपील की, जिनका मानचित्रण और सत्यापन अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे मतदाता सूची को और अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि पाकिम जिला निर्वाचन अधिकारी ने चार विधानसभा क्षेत्रों के लिए नए बनाए गए मतदान केंद्रों की संशोधित सूची अधिसूचित की है। इनमें 18-वेस्ट पेंडम विधानसभा क्षेत्र के लिए दो मतदान केंद्र, 20-चुजाचेन के लिए एक मतदान केंद्र, 21-नाथांग-माचोंग के लिए एक मतदान केंद्र और 22-नामचेबुंग विधानसभा क्षेत्र के लिए एक मतदान केंद्र शामिल है। बताया गया कि मतदान प्रक्रिया को सुचारू, सुविधाजनक और मतदाताओं के लिए अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से इन संशोधित मतदान केंद्र व्यवस्थाओं को भारत निर्वाचन आयोग से मंजूरी मिल चुकी है।
बैठक में एईआरओ सह रेगू बीडीओ अनिल गिरी, एईआरओ सह डुगा बीडीओ चोफेल भूटिया, एईआरओ सह नामचेबोंग बीडीओ राजेश दहल, निर्वाचन विभाग के अवर सचिव रघुनाथ छेत्री सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
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