नामची : नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नामची जिला प्रशासन, सिक्किम सरकार के समाज कल्याण विभाग तथा 12 नामफिंग ग्राम पंचायत इकाई (जीपीयू) के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को पीएलसी हॉल, नामफिंग में मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डी-एडिक्शन काउंसलिंग सेंटर का उद्घाटन तथा एंटी-ड्रग टीम का गठन भी किया गया।
‘से नो टू ड्रग्स-चूज लाइफ, चूज होप’ विषय पर आयोजित यह कार्यक्रम नशा मुक्त भारत अभियान और नशा मुक्त सिक्किम अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। साथ ही 17 से 26 जून तक मनाए जा रहे नशा मुक्त भारत सप्ताह तथा आगामी अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के उपलक्ष्य में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में तिमी-नामफिंग के विधायक तथा आबकारी विभाग एवं सिक्किम स्टेट लॉटरी निदेशालय के सलाहकार बेदू सिंह पंथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने नवस्थापित डी-एडिक्शन काउंसलिंग सेंटर का उद्घाटन किया तथा इसकी सुविधाओं का निरीक्षण भी किया। केंद्र में नियुक्त प्रशिक्षित काउंसलर नशे की लत से जूझ रहे लोगों को पेशेवर परामर्श और सहायता उपलब्ध कराएंगे।
अपने संबोधन में बेदू सिंह पंथ ने नामची जिला प्रशासन और नामफिंग जीपीयू की सराहना करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर इस प्रकार की पहल पूरे राज्य के लिए एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है और समाज के प्रत्येक वर्ग को प्रभावित लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सहयोग करना चाहिए। उन्होंने लोगों से मादक पदार्थों से संबंधित अपराधों की सूचना देने के लिए उपलब्ध टोल-फ्री हेल्पलाइन का उपयोग करने का आग्रह किया तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा सामुदायिक कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
जिलाधिकारी अनुपा तामलिंग ने अपने संबोधन में कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर काउंसलिंग सेंटर की स्थापना सरकार की उस सोच को दर्शाती है, जिसके तहत लोगों को उनके घर के निकट ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह केंद्र न केवल नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को बल्कि मानसिक एवं सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहे व्यक्तियों को भी भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सहयोग प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन और स्वच्छ वातावरण का अधिकार तभी सार्थक होगा जब समाज भविष्य की पीढ़ियों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने सभी हितधारकों से सुरक्षित और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने नामची जिला प्रशासन की ‘मिशन फॉर एडोलेसेंट्स एंड यूथ एडवांसमेंट (माया)’ पहल की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों को पुनः शिक्षा से जोड़ने तथा कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
नामची की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोनम डी. भूटिया ने कहा कि पुलिस विभाग अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने लोगों से नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने घोषणा की कि 23 जून से 9046245044 हेल्पलाइन नंबर शुरू किया जाएगा, जिस पर नागरिक गोपनीय रूप से नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की सूचना दे सकेंगे।
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त राजनीतिक सचिव विष्णु प्रसाद शर्मा ने कहा कि युवा वर्ग नशे की चपेट में सबसे अधिक आने वाला वर्ग है। ऐसे में उन्हें सकारात्मक अवसर, प्रेरणा और सही मार्गदर्शन प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों और समुदाय के लोगों से युवाओं की गतिविधियों पर ध्यान देने तथा उन्हें खेल, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों से जोड़ने का आग्रह किया।
समाज कल्याण विभाग के सोशल जस्टिस डिवीजन के अतिरिक्त निदेशक महेश शर्मा ने विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि नशे की समस्या से निपटने में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण हथियार है।
कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विकास तिवारी ने बताया कि वर्ष 2025 में नामची जिले में 67 ड्रग तस्करों को जेल भेजा गया तथा 137 नशाग्रस्त व्यक्तियों को डी-एडिक्शन कार्यक्रमों से जोड़ा गया। उन्होंने शिकायतों के लिए हेल्पलाइन 1933 तथा साइबर अपराध संबंधी मामलों के लिए 1930 नंबर की जानकारी भी दी।
नशा मुक्ति चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ सतीश रासाइली ने नशे की लत से जूझ रहे लोगों के उपचार, पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। वहीं जोरेथांग के ड्रग्स सफाई अभियान और मेली एंटी ड्रग्स स्क्वाड के प्रतिनिधियों ने जमीनी स्तर पर नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सह संयुक्त निदेशक (शिक्षा) भास्कर पौड्याल को समाज के प्रति उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने नशा विरोधी शपथ भी ली तथा नवगठित एंटी-ड्रग टीम के तीन सदस्यों को औपचारिक रूप से जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कार्यक्रम में नामफिंग और बर्मिओक जीपीयू के पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी, पुलिस कर्मी, समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
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