सोरेंग : प्रस्तावित सोरेंग वन विकास एजेंसी (सोरेंग एफडीए) की कार्यकारिणी की पहली बैठक आज जिला कलेक्टर धीरज सुबेदी की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में मौजूदा वेस्ट फॉरेस्ट डेवलपमेंट एजेंसी (वेस्ट एफडीए) का नाम बदलकर सोरेंग फॉरेस्ट डेवलपमेंट एजेंसी करने और इसके पुनर्गठन के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सोरेंग डिवीजन की टेरिटोरियल वन अधिकारी पेगिला वेनचुंग्पा ने प्रस्ताव पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए बताया कि वन विकास एजेंसियां संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की प्रभागीय स्तर की संस्थाएं हैं, जिन्हें राष्ट्रीय वनीकरण कार्यक्रम के तहत सहभागी वन प्रबंधन और वन संरक्षण में समुदाय की भागीदारी मजबूत करने के उद्देश्य से गठित किया गया है। उन्होंने कहा कि सोरेंग जिले के गठन के बाद मौजूदा एफडीए ढांचे में प्रशासनिक बदलाव आवश्यक हो गया है, ताकि वन प्रशासन और विकास संबंधी कार्य वर्तमान जिला सीमाओं के अनुरूप संचालित हो सकें। पूर्व में वेस्ट सिक्किम एफडीए का गठन उस समय किया गया था, जब वर्तमान सोरेङ जिला अविभाजित पश्चिम जिला का हिस्सा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित सोरेंग एफडीए के अधिकार क्षेत्र में सोरेंग जिले की सीमा के अंतर्गत आने वाली खासमाल, गौचरन, आरक्षित वन और अन्य वन भूमि शामिल होंगी। इसके तहत पूर्व वेस्ट एफडीए में पंजीकृत और सोरंग जिले में स्थित 19 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को शामिल किया जाएगा। ये समितियां सोरेंग, सोमबारे और मंगलबारे रेंज के अंतर्गत आती हैं।
टेरिटोरियल वन अधिकारी पेगिला वेनचुंगपा ने बताया कि सोरेंग एफडीए के गठन से विकेंद्रीकृत निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा, वन एवं विकास योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन होगा, निधि प्रबंधन और निगरानी प्रणाली बेहतर होगी तथा वन संरक्षण और आजीविका सृजन गतिविधियों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ेगी।
विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सदस्यों ने सोरेंग वन विकास एजेंसी के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से पूर्व वेस्ट जिला एफडीए के सोरेंग जिले में आने वाले हिस्से का नाम बदलकर सोरेंग एफडीए करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद सोरेंग एफडीए के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी वन एवं पर्यावरण विभाग के सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति में मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके बाद एजेंसी का पंजीकरण सिक्किम रजिस्ट्रेशन ऑफ सोसाइटीज, एसोसिएशंस एंड अदर वॉलंटरी ऑर्गनाइजेशंस एक्ट, 2008 के तहत किया जाएगा।
बैठक में एडीसी डीआर बिष्ट, डीएफओ (ईएंडएससी) जोसेफ लेप्चा, उप शिक्षा निदेशक सीटी शेरपा, एसीएफ ओटी शेरपा सहित जिला उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अधिकारी और निरीक्षक उपस्थित रहे।
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