सड़क और जलजमाव को लेकर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन

विधायक अवधेश सिंह पर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा

हाजीपुर । दौलतपुर चांदी गांव में सड़क और जलजमाव की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। यह घटना तब हुई जब भाजपा विधायक अवधेश सिंह ने जिलाधिकारी वर्षा सिंह और पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग को गांव का निरीक्षण करने से रोक दिया। अधिकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आह्वान पर आयोजित एक सहयोग शिविर से लौट रहे थे।

दौलतपुर चांदी गांव के सैकड़ों परिवार कई वर्षों से खराब सड़क और जलजमाव की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन समस्याओं के कारण उन्हें दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने एक सहयोग शिविर के दौरान जिलाधिकारी वर्षा सिंह से मुलाकात की और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने जिलाधिकारी से गांव आकर सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने का आग्रह किया। शुरुआत में जिलाधिकारी द्वारा उनकी बात पर तुरंत ध्यान न दिए जाने पर ग्रामीण असंतुष्ट थे।

बाद में जिलाधिकारी गांव का निरीक्षण करने के लिए सहमत हो गईं। हालांकि, जब जिलाधिकारी का काफिला गांव की ओर बढ़ रहा था, तभी स्थानीय भाजपा विधायक अवधेश सिंह वहां पहुंचे और उन्होंने जिलाधिकारी को निरीक्षण करने से रोक दिया। इस घटना के बाद सैकड़ों ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने विधायक अवधेश सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ ग्रामीण जिलाधिकारी वर्षा सिंह के काफिले के सामने सड़क पर लेट गए और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने विधायक के साथ-साथ जिलाधिकारी के खिलाफ भी नारे लगाए, जिसमें ‘वैशाली डीएम मुर्दाबाद’ के नारे प्रमुख थे।

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी ने आरोप लगाया कि हाजीपुर में वर्ष 2000 से अब तक भाजपा के ही विधायक रहे हैं, पहले नित्यानंद राय और अब अवधेश सिंह, फिर भी ग्रामीणों को सड़क जैसी बुनियादी समस्या के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

साइकिल का दिखावा छोड़ सैंकड़ों गाड़ियों का लाव लश्कर कहां मानने वाला था तो ग्रामीणों ने गाड़ियों के नीचे लेटकर काफिले को रोक दिया।

अब अहंकारी सरकार की अफसरशाही क्या करेगी.? सड़क मांगने के जुर्म में नागरिकों को जेल में डालेगी और बिहार पुलिस जाति पता कर के एनकाउंटर करेगी। लोगों का यह सौभाग्य है कि 26 सालों से यहां भाजपा के विधायक हैं, ₹10 हज़ार वाली सरकार से लोग सड़क लेकर क्या ही करेंगे।

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