खेलों के जरिए दिव्यांगों को मिलेगा सशक्त मंच : राजू बस्नेत

'पैरा स्पोर्ट्स' के जरिए समावेशी खेल संस्कृति को बढ़ावा

गंगटोक : सिक्किम के खेल एवं युवा मामलों विभाग द्वारा भारतीय पैरालंपिक समिति के सहयोग से आज चिंतन भवन में दिव्यांगों के शारीरिक एवं सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए ‘पैरा स्पोर्ट्स’ पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित किया गया। इसमें खेल एवं युवा मामलों तथा कानून मंत्री राजू बस्‍नेत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सिक्किम में पैरा स्पोर्ट्स के प्रचार और विकास की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री बसनेत ने उक्वमीद जतायी कि यह कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए पैरा स्पोर्ट्स के नियमों और तकनीकी पहलुओं की स्पष्ट समझ हासिल करने के साथ ही सीखने और क्षमता निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने स्कूलों में छात्रों को तैयार करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए राज्य में पैरा स्पोर्ट्स के विकास को मजबूत करने के लिए खेल आंदोलन में लोगों को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।

साथ ही, मंत्री ने प्रतिभागियों से कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा साझा किए गए मार्गदर्शन और सुझावों का सर्वोत्तम उपयोग करने का भी आग्रह किया और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार सिक्किम में खेलों के समग्र विकास की दिशा में अपना पूर्ण समर्थन देना जारी रखेगी।

वहीं, भारतीय पैरालंपिक समिति के महासचिव जयवंत हम्मनावर ने समिति की कार्यप्रणाली और संगठनात्मक संरचना पर प्रकाश डालते हुए पिछले कुछ वर्षों में इसकी उपलब्धियों और प्रगति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने पैरा स्पोर्ट्स में अपनाई जाने वाली वर्गीकरण प्रणाली के बारे में भी बात की और ऐसे खेल आयोजनों को आयोजित करने में आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने विभिन्न पैरा खेलों में भागीदारी में हो रही लगातार वृद्धि पर जोर देते हुए पूरे देश में पैरा एथलीटों के लिए अधिक अवसर पैदा करने हेतु समिति द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों को रेखांकित किया।

इससे पहले, खेल एवं युवा मामलों की सचिव यांगचेन तमांग ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि यह राज्य में अपनी तरह की पहली कार्यशाला है जो पैरा स्पोर्ट्स के क्षेत्र में अधिक अवसर पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पैरा एथलेटिक्स विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों का समर्थन करने के उद्देश्य से शुरू किए गए एक व्यापक आंदोलन की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे एक सार्थक और प्रभावशाली कार्यक्रम बताया।

इसके बाद, ‘पैरा स्पोर्ट्स’ पर एक वीडियो प्रस्तुति दिखाई गई। वहीं, कार्यशाला के तकनीकी सत्र में पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के महासचिव जयवंत हम्मनवार, ब्लाइंड गोल्फ एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव चरण सिंह, पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव दिवाकर टी, पैरालंपिक असम के महासचिव राजीव दे और पैरालंपिक असम के संयुक्त सचिव गीत गुंजन डेका ने पैरा स्पोर्ट्स के विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुतियां दीं।

कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर खेल एवं युवा मामलों के सलाहकार बिक्रम प्रधान; राज्य खेल विकास बोर्ड अध्यक्ष रिनजिंग वांग्याल चोफेल; राज्य युवा विकास बोर्ड अध्यक्ष बसंत योंजन; खेल एवं युवा मामलों की सचिव यांगचेन तमांग; महिला, बाल, वरिष्ठजन एवं दिव्यांग कल्याण सचिव नोरमित लेप्चा; सिक्किम ओलंपिक संघ के अध्यक्ष छेवांग जांगपो भूटिया, खेल एवं युवा मामलों के प्रधान मुख्य अभियंता; पद्मश्री पुरस्कार विजेता द्रौपदी घिमिरे; अर्जुन पुरस्कार विजेता जसलाल प्रधान (द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता) और पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया की महासचिव संध्या गुरुंग भी उपस्थित थे।

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