गंगटोक : सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित न हो पाने पर गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से देशभर की लाखों महिलाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को ठेस पहुंची है।
मुख्यमंत्री Prem Singh Tamang ने कहा कि इस विधेयक को लेकर व्यापक समर्थन देखने को मिला था। उन्होंने उल्लेख किया कि आज दिन में ही सिक्किमभर की महिलाएं-माएं, बहनें और बेटियां-बड़ी संख्या में एकत्रित हुई थीं और इस ऐतिहासिक सुधार के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की थी। यह भागीदारी समानता, गरिमा और शासन में अधिक प्रतिनिधित्व के प्रति उनके मजबूत विश्वास को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचना करते हुए उस पर ‘निर्दयी राजनीति’ करने और महिला आरक्षण विधेयक को जानबूझकर बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह सब राजनीतिक कारणों, विशेषकर श्रेय लेने की होड़, के चलते किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि देशभर की महिलाएं इस विधेयक को रोकने के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराएंगी।
मुख्यमंत्री ने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण और दूरगामी परिणाम वाला बताते हुए कहा कि यह केवल एक अवसर का चूकना नहीं, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में अपना अधिकार पाने की कोशिश कर रही अनगिनत महिलाओं की आकांक्षाओं के लिए एक बड़ा झटका है।
इसके बावजूद उन्होंने भरोसा जताया कि महिलाओं की आवाज और उनकी आकांक्षाओं को दबाया नहीं जा सकता और वे एक अधिक न्यायपूर्ण तथा सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन करती रहेंगी।
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