नामची : जिले के मेल्ली निर्वाचन क्षेत्र के लिए रैंप पहल के तहत, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों हेतु राज्य और केंद्र सरकारी योजनाओं पर आज सुम्बुक बीएसी में एक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिक्किम सरकार के वाणिज्य व उद्योग विभाग के अंतर्गत नामची डीआईसी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य एमएसएमई के लिए उपलब्ध विभिन्न योजनाओं और अवसरों के बारे में जानकारी प्रसारित करने के साथ ही बेरोजगार युवाओं के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देना और मौजूदा व्यवसाय मालिकों को सरकारी सब्सिडी, मंच और मार्गदर्शन तक पहुंचने में सहायता प्रदान करना था।
कार्यक्रम में मेल्ली के विधायक सह पशुपालन सलाहकार एनबी प्रधान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उनके साथ, सिक्किम पोल्ट्री डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की अध्यक्ष दिल कुमारी छेत्री, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अध्यक्ष तिलक बसनेत, सुम्बुक बीडीओ एलबी प्रधान, नामची डीआईसी के जीएम दिनेश प्रधान, विधायक के ओएसडी सुरेन तमांग, जिला व ग्राम पंचायत सदस्य, नामची डीआईसी के अधिकारी और अन्य भी इसमें शिरकत की।
इस अवसर पर विधायक प्रधान ने युवाओं के लिए अपने लाभ हेतु विभिन्न सरकारी योजनाओं को सक्रिय रूप से तलाशने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्हें आत्मनिर्भरता तथा वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त करने के साधन के रूप में उद्यमिता को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सही मार्गदर्शन, संसाधनों और दृढ़ संकल्प के साथ, युवा व्यक्ति अपने नवीन विचारों को स्थायी उद्यमों में बदल सकते हैं।
विधायक ने आगे बताया कि सरकारें इस क्षेत्र में एमएसएमई के लिए एक सहायक वातावरण बनाने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही हैं। वे इच्छुक उद्यमियां और मौजूदा व्यवसाय मालिकों का विकास और सफलता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर सहायता, नीतिगत समर्थन और वित्तीय तथा तकनीकी संसाधनों तक पहुंच प्रदान करती हैं।
वहीं, नामची डीआईसी महाप्रबंधक दिनेश प्रधान ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में एमएसएमई के महत्व पर और उनके व्यवसायों की सहायता हेतु वित्तीय, तकनीकी सहायता तथा विपणन मंच प्रदान करने में सरकारी योजनाओं की भूमिका पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान, डीआईसी निरीक्षकों द्वारा केंद्र और राज्य सरकारी विभिन्न योजनाओं और उनके लाभों को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया गया। इसमें, डीआईसी निरीक्षक अनंता सुब्बा ने सूक्ष्म-उद्यमों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाले ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ के पात्रता मानदंडों, प्रोत्साहनों और लाभों पर प्रकाश डाला। उनके साथ, निरीक्षक अभिषेक तमांग, निरीक्षक पूजा राई और सुसंता सुब्बा ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम के अंत में एक खुली चर्चा सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने डीआईसी अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर योजनाओं की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, सब्सिडी, बाज़ार संपर्क आदि से संबंधित प्रश्न पूछे।
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