गंगटोक : स्थानीय सिच्चे स्थित जिला पंचायत कार्यालय में अध्यक्ष बलराम अधिकारी की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की एक बैठक आयोजित हुई। इसमें पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती देवी माया प्रधान एवं जिले के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों से आए पंचायत सदस्यों के साथ सचिव सह जिला मजिस्ट्रेट तुषार निखारे, उपसचिव सह जिला योजना अधिकारी सोनम भूटिया, उप निदेशक, मंडल अभियंता के नेतृत्व में इंजीनियरिंग सेल के अधिकारी, लेखा सेल के अधिकारी और प्रशासनिक सेल के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक में विभिन्न निधियों पर चर्चा की गई, जिसमें छठे राज्य वित्त आयोग अनुदान और 15वें वित्त आयोग अनुदान शामिल रहे। गंगटोक जिला पंचायत के लेखा अधिकारी द्वारा ‘स्वयं के स्रोत से राजस्व’ और कार्यालय व्यय पर भी संक्षिप्त चर्चा की गई।
इस अवसर पर अध्यक्ष बलराम अधिकारी ने जिला पंचायत सदस्यों को निरंतर समन्वय और सहयोग प्रदान करने के लिए डीसी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास कार्य जरूरतों पर आधारित, प्राथमिकताओं के अनुसार और चुने हुए प्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के बीच सक्रिय चर्चा के माध्यम से नियोजित होने चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि डीपीसी में कम से कम 29 सरकारी विभागों का प्रतिनिधित्व शामिल होना चाहिए, ताकि पंचायती राज व्यवस्था के तहत बताए गए 29 विषयों को प्रभावी ढंग से निपटाया जा सके।
इस दौरान, जिला कलेक्टर तुषार निखारे ने संबंधित जिला पंचायत सदस्यों द्वारा अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विभिन्न सरकारी और एनजीओ संचालित कार्यक्रमों की निगरानी करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सिक्किम इंस्पायर्स कार्यक्रम, धारा विकास योजना और स्कूलों तथा घरों में वर्षा जल संचयन प्रणालियों के कार्यान्वयन जैसी पहलों पर विशेष प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने सदस्यों से वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, ‘सोशल फॉरेस्ट्री के तहत इको-टूरिज्म की पहल और नाथंग जैसे क्षेत्रों में सामुदायिक केंद्रों के विकास जैसी प्रमुख ग्रामीण विकास योजनाओं की सक्रिय रूप से देखरेख करने का भी आग्रह किया।
बैठक में जिला पंचायत की वित्तीय स्थिरता के लिए एक प्रमुख घटक के रूप में ‘अपने स्रोतों से राजस्व’ को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
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