गंगटोक : सिक्किम में राजनीतिक गठबंधन, सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई के मुख्य सलाहकार छितेन ताशी भूटिया ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि किसी भी राजनीतिक गठबंधन का अर्थ यह नहीं होना चाहिए कि सरकार को भ्रष्टाचार के आरोपों या जनहित से जुड़े सवालों पर जवाबदेही से छूट मिल जाए। गठबंधन की राजनीति अपनी जगह है, लेकिन जनता के प्रति सरकार की जिम्मेदारी सर्वोपरि होनी चाहिए।
‘सिक्किम फर्स्ट : अकाउंटेबिलिटी, ट्रांसपेरेंसी एंड पॉलिटिकल क्लैरिटी’ शीर्षक से जारी अपने बयान में भूटिया ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की हालिया फेसबुक पोस्ट का उल्लेख किया। इस पोस्ट में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे होने पर उनकी प्रशंसा करते हुए सिक्किम के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया था।
Tseten Tashi Bhutia ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के प्रति मुख्यमंत्री की सराहना स्वागतयोग्य है, लेकिन यही ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही राज्य सरकार के प्रशासनिक कामकाज में भी दिखाई देनी चाहिए। केवल केंद्र सरकार की उपलब्धियों की प्रशंसा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि राज्य स्तर पर भी सुशासन के सिद्धांतों को व्यवहार में उतारना आवश्यक है।
भाजपा नेता ने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े किसी भी आरोप की निष्पक्ष और विधिसम्मत जांच होनी चाहिए, चाहे संबंधित व्यक्ति या राजनीतिक दल किसी भी गठबंधन से जुड़ा हो। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का सहयोगी होने मात्र से किसी सरकार या राजनीतिक दल को सार्वजनिक जांच-पड़ताल और आलोचना से छूट नहीं मिल सकती।
साथ ही, भूटिया ने सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के नेतृत्व से भाजपा के साथ राज्य में राजनीतिक गठबंधन को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग भी की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एसकेएम नेतृत्व सार्वजनिक रूप से केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की सराहना कर रहा है, तो सिक्किम में भाजपा के साथ राजनीतिक संबंधों और गठबंधन को लेकर उसकी वास्तविक स्थिति क्या है। उनके अनुसार, राजनीतिक संबंधों में स्पष्टता और ईमानदारी आवश्यक है, ताकि जनता के सामने किसी प्रकार का भ्रम पैदा न हो। राजनीतिक दलों को अपने गठबंधन और नीतिगत रुख के बारे में स्पष्ट संदेश देना चाहिए।
अपने बयान में भूटिया ने चार महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक गठबंधन को जवाबदेही से बचने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। राजनीतिक संबंधों को जनहित से ऊपर नहीं रखा जा सकता। जनता की चुप्पी को उसकी सहमति मान लेना गलत होगा। इसके साथ ही किसी भी राजनीतिक समीकरण के कारण सिक्किम की विशिष्ट पहचान और संविधान के अनुच्छेद 371एफ के तहत प्राप्त विशेष संवैधानिक संरक्षण से समझौता नहीं होना चाहिए।
भूटिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सिक्किम के विकास में केंद्र सरकार के योगदान का सम्मान करने के साथ-साथ राज्य सरकार के कामकाज पर सतर्क निगरानी रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सिक्किम की जनता पारदर्शी प्रशासन, ईमानदार राजनीतिक नेतृत्व और जवाबदेह शासन की हकदार है। उन्होंने कहा, सिक्किम को जवाबदेह शासन, राजनीतिक ईमानदारी और आने वाली पीढय़िों के लिए सुरक्षित भविष्य चाहिए।
गौरतलब है कि भूटिया के इस बयान ने सिक्किम में गठबंधन की राजनीति, सरकार की जवाबदेही और एसकेएम-भाजपा के राजनीतिक संबंधों की स्पष्टता के मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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