सिक्किम विश्वविद्यालय की आय घटी, ₹3.62 करोड़ का घाटा दर्ज

गंगटोक : राज्य के एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय सिक्किम विश्वविद्यालय को वित्त वर्ष 2025-26 में 3 करोड़ 61 लाख 98 हजार 760 रुपये का घाटा दर्ज हुआ है। विश्वविद्यालय के प्री-ऑडिट वार्षिक खातों के अनुसार, इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में विश्वविद्यालय ने 3 करोड़ 63 लाख 13 हजार 354 रुपये का अधिशेष दर्ज किया था।

वित्त वर्ष 2025-26 में विश्वविद्यालय की कुल आय 97 करोड़ 47 लाख 41 हजार 550 रुपये रही, जो 2024-25 में दर्ज 108 करोड़ 75 लाख 68 हजार 55 रुपये की आय की तुलना में 11 करोड़ रुपये से अधिक कम है। विश्वविद्यालय की आय का प्रमुख स्रोत अनुदान और सब्सिडी भी घटकर 85 करोड़ 37 लाख 14 हजार रुपये रह गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 93 करोड़ 6 लाख 45 हजार 397 रुपये थी। इसी तरह शैक्षणिक मद से प्राप्त आय 3 करोड़ 24 लाख 94 हजार 56 रुपये से घटकर 2 करोड़ 90 लाख 24 हजार 704 रुपये रह गई।

वित्त वर्ष 2025-26 में विश्वविद्यालय का कुल खर्च 101 करोड़ 9 लाख 40 हजार 310 रुपये रहा। पिछले वर्ष यह 105 करोड़ 12 लाख 54 हजार 701 रुपये था। कर्मचारियों के वेतन और भुगतान पर सबसे अधिक 60 करोड़ 91 लाख 28 हजार 449 रुपये खर्च हुए। हालांकि, यह राशि पिछले वित्त वर्ष के 65 करोड़ 93 लाख 23 हजार 60 रुपये के मुकाबले कम रही। प्रशासनिक एवं सामान्य खर्च 16 करोड़ 3 लाख 43 हजार 914 रुपये और मूल्यह्रास  12 करोड़ 35 लाख 88 हजार 885 रुपये रहा।

परिचालन घाटे के बावजूद विश्वविद्यालय की कुल बैलेंस शीट 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 655 करोड़ 29 लाख 92 हजार 490 रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष 584 करोड़ 99 लाख 75 हजार 56 रुपये थी। विश्वविद्यालय का कॉर्पस/कैपिटल फंड भी बढ़कर 510 करोड़ 44 लाख 20 हजार 350 रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 446 करोड़ 28 लाख 3 हजार 264 रुपये था। यूजीसी और भारत सरकार से प्राप्त 61 करोड़ 58 लाख 35 हजार रुपये के पूंजीगत अनुदान का वर्ष के दौरान उपयोग किया गया। पूंजीगत कार्य प्रगति पर 266 करोड़ 14 लाख 90 हजार 414 रुपये रहा, जो विश्वविद्यालय में जारी बुनियादी ढांचा विकास को दर्शाता है।

वहीं, मुख्य रूप से बैंकों में सावधि जमा के रूप में रखे गए ‘अन्य’ निवेश बढ़कर 199 करोड़ 31 लाख 42 हजार 843 रुपये हो गए, जबकि पिछले वर्ष यह 183 करोड़ 14 लाख 1 हजार 52 रुपये थे। निर्धारित और एंडोमेंट निवेश 3 करोड़ 9 लाख 7 हजार 951 रुपये रहा। हालांकि, विश्वविद्यालय के नकद और बैंक शेष में कमी आई और यह 13 करोड़ 29 लाख 88 हजार 359 रुपये रह गया, जो पिछले वर्ष 16 करोड़ 13 लाख 95 हजार 351 रुपये था।

वित्तीय स्थिति ऐसे समय सामने आई है जब विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। स्थापना के करीब दो दशक बाद भी सिक्किम विश्वविद्यालय गंगटोक में 22 अलग-अलग किराये की इमारतों से संचालित हो रहा है, जबकि यांगगांग स्थित स्थायी परिसर निर्माणाधीन है। स्थायी परिसर में देरी के कारण विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां कई स्थानों पर संचालित हो रही हैं। इस बीच स्नातकोत्तर स्तर पर सीटें खाली रहने का मुद्दा भी सामने आया है। हालिया प्रवेश प्रक्रिया में 840 स्वीकृत स्नातकोत्तर सीटों में 300 से अधिक सीटें खाली रहने की बात सामने आई थी। हालांकि, विश्वविद्यालय के ये आंकड़े फिलहाल प्री-ऑडिट खाते हैं और अंतिम ऑडिट प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनमें बदलाव संभव है।

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