निकाय चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा, कोलकाता की कमान सुकांत मजूमदार को

कोलकाता । भाजपा ने मंगलवार को केंद्रीय राज्य मंत्री और पश्चिम बंगाल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार को कोलकाता नगर निगम चुनाव की तैयारियों का प्रभारी नियुक्त किया। इसके साथ ही पार्टी ने राजधानी में होने वाले आगामी निकाय चुनाव पर अपना ध्यान केंद्रित कर दिया है।

मजूमदार की सहायता प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष अनिंद्य बनर्जी करेंगे, जिन्हें सह-प्रभारी बनाया गया है। राज्य मंत्री और माणिकतला विधायक तापस रॉय को संयोजक, जबकि काशीपुर-बेलगछिया विधायक रितेश तिवारी को सह-संयोजक बनाया गया है। पार्टी ने एक अधिसूचना में यह जानकारी दी।

भाजपा ने हावड़ा नगर निगम के लिए भी चुनाव प्रबंधन टीम का गठन किया है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा को प्रभारी और बाली विधायक संजय कुमार सिंह को संयोजक बनाया गया है। इन नियुक्तियों के साथ दोनों प्रमुख नगर निकायों के लिए भाजपा की चुनावी तैयारियों की औपचारिक शुरुआत हो गई है।

यह घोषणा पश्चिम बंगाल विधानसभा के 12 अगस्त को विशेष एक दिवसीय सत्र में दो विधेयक पारित करने के करीब दो सप्ताह के भीतर हुई है। इनमें कोलकाता नगर निगम में वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 और हावड़ा में 50 से बढ़ाकर 68 करने का प्रस्ताव है। इसके लिए कोलकाता नगर निगम और हावड़ा नगर निगम अधिनियमों में संशोधन किया गया है।

हालांकि, निकाय चुनावों की औपचारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि दोनों नगर निकायों के चुनाव इस साल के अंत में त्योहारों का मौसम खत्म होने के बाद कराए जाने की योजना है।

मंगलवार को बिधाननगर स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में कोलकाता नगर निगम के तहत आने वाले क्षेत्रों के भाजपा नेताओं और विधायकों के साथ प्रदेश नेतृत्व की एक उच्चस्तरीय बैठक भी हुई। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के संगठन प्रभारी सुनील बंसल, संगठन महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती और सुकांत मजूमदार समेत अन्य नेता शामिल हुए।

पार्टी के भीतर कोलकाता की जिम्मेदारी मजूमदार को दिए जाने को निकाय चुनाव के महत्व से जोड़कर देखा जा रहा है। समिति चुनाव की तैयारियों, अभियान और अन्य संगठनात्मक कार्यों के साथ चुनावी घोषणापत्र तैयार करने तथा उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया की निगरानी करेगी।

मजूमदार को जिम्मेदारी दिए जाने का महत्व इस वजह से भी है कि प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद भी वह राज्य संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मजूमदार ने 2021 में दिलीप घोष के बाद पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष का पद संभाला था। यह नियुक्ति विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के कुछ महीने बाद हुई थी। उस चुनाव में राज्य की सत्ता बदलने के लिए भाजपा ने आक्रामक अभियान चलाया था और उसे 77 सीट मिली थीं।

उनके प्रदेश अध्यक्ष रहते पार्टी संगठन के लिए यह दौर चुनौतीपूर्ण रहा। भाजपा ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पूरे राज्य में उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ चुनाव बाद व्यापक हिंसा की।

2021 के कोलकाता नगर निगम चुनाव में भाजपा ने सभी 144 वार्डों पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, वह सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से काफी पीछे रही। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने 134 वार्ड जीते, जबकि भाजपा को केवल तीन वार्ड मिले। भाजपा का वोट प्रतिशत 9.21 रहा था।

हालांकि, आगामी निकाय चुनाव पूरी तरह बदले राजनीतिक माहौल में होने जा रहे हैं। 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को राज्य की सत्ता से हटा दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बंगाल में मजूमदार को एक बार फिर महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी देना इस बात का संकेत है कि राज्य नेतृत्व अब भी महत्वपूर्ण चुनावी जिम्मेदारियों के लिए उन पर भरोसा करता है।

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