नमची : जिला कलेक्टर नामची सुश्री अनुपा तमलिंग (Anupa Tamling) ने मंगलवार को किचुडुमरा स्थित जिला नशामुक्ति केंद्र का नियमित निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र के संचालन, उपलब्ध सुविधाओं और समग्र प्रबंधन की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने केंद्र प्रभारी तथा डीडीएसी के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) रिवाइव हेवन फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। केंद्र प्रभारी ने जिला कलेक्टर को केंद्र में दाखिले की प्रक्रिया, संचालन व्यवस्था तथा प्रबंधन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।
जिला कलेक्टर ने एनजीओ को निर्देश दिया कि चैरिटी श्रेणी के तहत सभी दाखिले जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति के बाद ही किए जाएं तथा पात्र लाभार्थियों के लिए निर्धारित प्रक्रिया का समान रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए। वर्तमान में केंद्र की कुल क्षमता 60 लोगों की है, जिसमें पांच महिला लाभार्थियों के लिए स्थान निर्धारित है, जबकि शेष क्षमता पुरुष लाभार्थियों के लिए है।
जिला कलेक्टर ने केंद्र में उपलब्ध कर्मचारियों तथा उनकी तैनाती की भी जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा एवं समाज कल्याण विभाग से जुड़े कर्मचारियों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए प्रभावी देखभाल और पुनर्वास सेवाओं के लिए पर्याप्त स्टाफ की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके बाद उन्होंने डीडीएसी परिसर का निरीक्षण किया और केंद्र की साफ-सफाई, रखरखाव तथा समग्र व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने केंद्र का संचालन कर रहे एनजीओ द्वारा परिसर की स्वच्छता एवं बेहतर रखरखाव के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
इसी दौरान जिला कलेक्टर के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग के अधीन आने वाली भूमि की वास्तविक सीमा और वर्तमान स्थिति का पता लगाने के लिए संयुक्त सर्वेक्षण भी किया गया। संबंधित विभागों के अधिकारियों तथा भूमि राजस्व विभाग की टीम ने सर्वेक्षण की कार्रवाई में हिस्सा लिया। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त निदेशक, समाज कल्याण विभाग; एसडीएम (मुख्यालय), नमची; संयुक्त निदेशक, एसएसडब्ल्यूडी; कल्याण अधिकारी, नमची; वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एसडब्ल्यूडी; एई/जेई तथा भूमि राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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