सिक्किम में डिजिटल शिक्षा ढांचे को मजबूत करने पर मंथन

शिक्षा मंत्री राजू बसनेत ने 'समर्थ' और 'समर्थ एक्स' प्लेटफॉर्म की उपयोगिता पर की समीक्षा

गंगटोक : सिक्किम के शिक्षा मंत्री राजू बस्‍नेत ने आज स्थानीय वीआईपी कॉलोनी स्थित अपने आधिकारिक आवास पर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर आयोजित प्रस्तुति और विचार-विमर्श बैठक की अध्यक्षता की। यह प्रस्तुति दिल्ली विश्वविद्यालय और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म से संबंधित थी।

बैठक में प्रधान शिक्षा सचिव डॉ संदीप तांबे, स्कूल शिक्षा सचिव सह समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक ताशी छोपेल लेप्चा, तकनीकी, उच्च एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव तेंजिंग किजोम भूटिया, विशेष सचिव सह उच्च शिक्षा निदेशक उज्ज्वल राई, विशेष सचिव सह चिकित्सा एवं तकनीकी शिक्षा निदेशक विभूति प्रधान, भाषा एवं पाठ्यपुस्तक निदेशक एडी छेत्री, संयुक्त आईटी निदेशक छिरिंग यांगजोम भूटिया और समग्र शिक्षा उप निदेशक सह परियोजना समन्वयक दिग्विजय बसनेत उपस्थित रहे।

वहीं, दिल्ली से आई टीम में दिल्ली विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी के डीन सह कंप्यूटर सेंटर निदेशक प्रो. संजीव सिंह तथा शिक्षा मंत्रालय के टेक्निकल सपोर्ट ग्रुप की चारु सहगल शामिल थीं। बैठक में, केंद्र सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के डिजिटल शिक्षा निदेशक हरि कुमार जानकीरमन ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया।

बैठक की शुरुआत में हरि कुमार जानकीरमन ने ‘समर्थ’ और ‘समर्थ एक्‍स’ प्लेटफॉर्म की जानकारी देते हुए बताया कि ये दोनों डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित किए गए हैं। समर्थ उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए है, जबकि समर्थ एक्‍स स्कूल शिक्षा व्यवस्था के लिए उपयोगी प्लेटफॉर्म है। ये क्लाउड आधारित ईआरपी समाधान हैं, जिनके माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया, शैक्षणिक प्रशासन, मानव संसाधन प्रबंधन, विद्यार्थी जीवन चक्र प्रबंधन और संस्थागत कार्यों को एकीकृत डिजिटल व्यवस्था के तहत संचालित किया जा सकता है। बैठक में सिक्किम में इन प्लेटफॉर्मों को लागू करने की संभावना, उपयोगिता और व्यवहार्यता पर विस्तृत चर्चा हुई।

शिक्षा मंत्री राजू बसनेत ने यह सवाल उठाया कि जब राज्य में पहले से ही कई तकनीक आधारित प्रणालियां, जिनमें राज्य की अपनी एजुकेशनल मैनेजमेंट एंड मैनपावर इंफॉर्मेशन सिस्टम शामिल है, मौजूद हैं, तो नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपनाने की आवश्यकता क्या है। उन्होंने प्लेटफॉर्म की तकनीकी व्यवहार्यता, संचालन संबंधी जरूरतों, लागत प्रभावशीलता, दीर्घकालिक स्थिरता और वित्तीय प्रभावों पर भी विस्तार से जानकारी मांगी।

इस दौरान, वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने सुझाव और सवाल रखे। इसके जवाब में दिल्ली विश्वविद्यालय और शिक्षा मंत्रालय की टीम ने प्लेटफॉर्म की संरचना, कार्यप्रणाली, इंटरऑपरेबिलिटी और लागू करने की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। टीम ने उन राज्यों और शिक्षण संस्थानों के उदाहरण भी साझा किए, जहां समर्थ और समर्थ एक्‍स का उपयोग शिक्षा क्षेत्र में प्रशासनिक दक्षता और सेवा वितरण को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।

विचार-विमर्श के बाद शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव का विस्तृत मूल्यांकन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म की मौजूदा राज्य प्रणालियों के साथ अनुकूलता, संभावित लाभ, वित्तीय व्यवहार्यता और क्रियान्वयन संबंधी आवश्यकताओं का गंभीर अध्ययन किया जाए। मंत्री ने दिल्ली से आई टीम को भी विभाग के साथ संपर्क बनाए रखने और आवश्यक तकनीकी दस्तावेज उपलब्ध कराने की सलाह दी। बैठक के अंत में आगंतुक टीम ने सिक्किम सरकार को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की संभावनाओं का अध्ययन करने में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। टीम ने आगे भी प्रदर्शन, तकनीकी परामर्श और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने की इच्छा जताई।

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