जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: भगवान सिंह कुशवाहा

सुपौल । जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट के लहटन चौधरी सभागार में सोमवार को जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य के योजना एवं विकास विभाग के मंत्री सह सुपौल जिला प्रभारी मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने की। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी सावन कुमार ने प्रभारी मंत्री का स्वागत किया और जिले में चल रही योजनाओं एवं विकास कार्यों की अद्यतन जानकारी दी।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय और संवाद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी का उद्देश्य जनसमस्याओं का त्वरित समाधान और विकास कार्यों में तेजी लाना होना चाहिए, ताकि जिले के हर गांव और शहर तक विकास की धारा पहुंचे।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार “सबका सम्मान-जीवन आसान” संकल्प के तहत सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को आम लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

राज्य में नई सरकार बनने के बाद यह सुपौल में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की पहली बैठक थी। बैठक में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, पंचायती राज, कृषि, ऊर्जा, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, राजस्व एवं भूमि सुधार, पशुपालन, सहकारिता तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सहित कई योजनाओं की समीक्षा की गई।

संबंधित विभागों ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से योजनाओं की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी दी। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी स्थानीय समस्याओं और विकास योजनाओं से जुड़े मुद्दे उठाए, जिस पर प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक के बाद प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति को लेकर जिला अनुश्रवण समिति की बैठक भी आयोजित की गई। इसमें बाढ़ पूर्व तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ अवधि के दौरान विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोसी क्षेत्र में गाद की समस्या गंभीर है, इसलिए चैनलों और उपधाराओं की सफाई प्राथमिकता के आधार पर की जाए। उन्होंने जिलाधिकारी को संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि सरकार गाद की सफाई और बाढ़ प्रबंधन को लेकर गंभीर है। अधिकारियों को जमीनी स्तर पर पहुंचकर लोगों की समस्याएं जानने और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में सांसद दिलेश्वर कामैत, एमएलसी डॉ. अजय कुमार सिंह, निर्मली विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, पिपरा विधायक रामविलास कामत, त्रिवेणीगंज विधायक सोनम रानी, जदयू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव, पुलिस अधीक्षक सरथ आरएस सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी और समिति के सदस्य मौजूद रहे।

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