सिक्किम-दार्जिलिंग एकीकरण से संबंधित फर्जी दस्तावेज वायरल, सिक्किम सरकार ने दिए जांच के आदेश

प्रकाश अधिकारी

गंगटोक : दार्जिलिंग हिल्स, कालिम्पोंग, तराई और डुआर्स को सिक्किम में मिलाने के दावे वाला एक फर्जी सरकारी दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल होने से राज्य में हड़कप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सिक्किम सरकार ने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराकर साइबर जांच शुरू कर दी है। वहीं, इस मामले पर विभिन्न पार्टियों के नेताओं की ओर से तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।

वायरल दस्तावेज में दावा किया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय दार्जिलिंग हिल्स, कालिम्पोंग और आसपास के क्षेत्रों को सिक्किम में मिलाने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। दस्तावेज को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कथित हस्ताक्षर के साथ प्रसारित किया गया। हालांकि प्रेस सूचना ब्यूरो की फैक्ट चेक इकाई ने इसे फर्जी बताते हुए स्पष्ट किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से ऐसी कोई सूचना जारी नहीं की गई है।

इधर, इस फर्जी दस्तावेज के प्रसार के बाद सिक्किम के गृह विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस को मामला दर्ज कर विस्तृत जांच के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार, यह दस्तावेज गलत सूचना फैलाने, लोगों में भय पैदा करने और राज्य में शांति व सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की मंशा से तैयार किया गया प्रतीत होता है। अधिकारियों ने आगे चेतावनी दी कि इस तरह के गलत जानकारी फैलाने वाले अभियान सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय हितों पर बुरा असर डाल सकते हैं।

बहरहाल, अब यह मामला साइबर क्राइम थाने को सौंपा गया है। जांच एजेंसी डिजिटल फुटप्रिंट, आईपी एड्रेस और दस्तावेज तैयार व प्रसारित करने वालों की पहचान करने में जुट गई है। पुलिस को सोशल मीडिया मंचों और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय कर फर्जी सामग्री हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस मामले में सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा ने भी गंगटोक के सदर थाने में अलग से प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायत में अज्ञात लोगों पर गृह मंत्रालय के नाम पर फर्जी अधिसूचना तैयार कर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया गया है।

वहीं सिक्किम भाजपा नेता पासांग ग्याली शेरपा ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे राज्य की शांति और सामाजिक सद्भाव को अस्थिर करने की खतरनाक कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि सिक्किम जैसे संवेदनशील सीमावर्ती राज्य में इस तरह की अफवाहें गंभीर चिंता का विषय हैं। भाजपा की सिक्किम इकाई ने भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। राज्य सरकार और राजनीतिक दलों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करें।

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