नई दिल्ली । लोकसभा में शुक्रवार को संविधान का 131वां संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। इस मुद्दे पर बीजेपी विपक्ष पर हमलावर है। अब कांग्रेस सांसद प्रियंका वाड्रा ने बीजेपी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सत्तापक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, ये उनके (केंद्र) लिए काला दिन है क्योंकि उन्हें पहली बार ऐसा झटका लगा है, जिसके वे हकदार थे।
शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ये महिला आरक्षण बिल की बात नहीं थी। यह बात परिसीमन से जुड़ी हुई थी। मोदी सरकार को परिसीमन इस आधार पर करना था, जिसमें उसे जातिगत जनगणना के आंकड़ों को देखने की जरूरत नहीं होती और मनमानी करने की पूरी आजादी होती। ऐसे में मुमकिन ही नहीं था कि विपक्ष मोदी सरकार का साथ दे।
लोकसभा में संविधान का 131वां संशोधन विधेयक गिरने पर उन्होंने कहा, ‘कल जो हुआ वो लोकतंत्र के लिए एक बहुत बड़ी जीत थी। संघीय ढांचे को बदलने और लोकतंत्र को कमजोर करने की सरकार की जो साजिश थी, उसको रोका गया। यह संविधान की जीत थी, देश की जीत थी और विपक्ष की एकता की जीत थी और यह सत्ता पक्ष के नेताओं के चेहरों पर साफ दिख रहा था।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने आगे कहा, मुझे लगता है कि यह एक साजिश है कि किसी तरह उन्हें सत्ता में बने रहना है। इसलिए इसे हासिल करने के लिए, वे महिलाओं का इस्तेमाल करके हमेशा सत्ता में बने रहने की प्लानिंग कर रहे हैं। उन्होंने सोचा कि अगर यह पास हो गया, तो वे जीत जाएंगे। अगर यह पास नहीं हुआ, तो वे दूसरी पार्टियों को महिला विरोधी बताकर महिलाओं के मसीहा बन जाएंगे। हम जानते हैं कि महिलाओं के लिए मसीहा बनना आसान नहीं है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने आगे कहा, आज महिलाओं की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। संघर्ष भी बढ़ रहा है। महिलाएं मूर्ख नहीं हैं। वे सब कुछ देखती हैं। अब जनसंपर्क और मीडिया का शोर-शराबा काम नहीं करेगा। अगर आप कुछ ठोस करना चाहते हैं, तो 2023 में सभी दलों के समर्थन से सर्वसम्मति से पारित विधेयक को वापस लाएं।
प्रियंका ने आगे कहा, अगर इसे अभी लागू करने के लिए इसमें कुछ छोटे-मोटे संशोधन करने की जरूरत है, तो करें और अभी लागू करें। महिलाओं को उनके अधिकार अभी दें। लेकिन इसे घुमा-फिराकर और दूसरी चीजों से जोड़कर उन्हें गुमराह करने की कोशिश न करें। इसे अभी करें। हम सब तैयार हैं।
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