गंगटोक : केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ‘नारी शक्ति वंदना अधिनियम 2023’ (महिला आरक्षण विधेयक) के समर्थन और स्वागत में शुक्रवार को सिक्किम की राजधानी गंगटोक में एक विशाल रैली निकाली गई है। रैली यहां के देवराली के टाटा स्टैंड से शुरू हुई और पाल्जोर स्टेडियम पहुंच कर समाप्त हुई, जिसका नेतृत्व श्रीमती कृष्णा कुमारी राई ने किया। उनके साथ सिक्किम विधानसभा उपाध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी थापा, विधायक सह ग्रामीण विकास सलाहकार श्रीमती कला राई और विधायक सह समाज कल्याण तथा महिला व बाल विकास सलाहकार श्रीमती पामिन लेप्चा भी मौजूद थीं।
इस रैली में 30000 से अधिक लोगों ने भाग लेकर इस अधिनियम के प्रति अपना सामूहिक समर्थन व्यक्त करने के साथ ही शासन-प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी के महत्व के बारे में जागरुकता फैलाई। उल्लेखनीय है कि ‘नारी शक्ति वंदना अधिनियम’ देश में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करेगा। इसका उद्देश्य निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर नीति-निर्माण को अधिक संतुलित और समावेशी बनाना है। यह अधिनियम 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू होने की उम्मीद है।
इस अवसर पर श्रीमती कृष्णा कुमारी राई ने पूरे राज्य से आए प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ का लागू होना समावेशी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विधायी निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण की भी सराहना की। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व में राज्य लगातार समावेशी नीतियों और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा दे रहा है।
राई ने इस अधिनियम को महिलाओं के नेतृत्व वाले भविष्य की दिशा में एक कदम बताते हुए कहा कि हर सफल पुरुष के पीछे एक महिला का समर्थन और योगदान होता है। वर्तमान संदर्भ में, यह आपसी सहयोग को दर्शाता है, जहां महिलाओं की सफलता को पुरुषों द्वारा भी समान रूप से मजबूती प्रदान की जाती है। उन्होंने आगे कहा कि बढ़ा हुआ प्रतिनिधित्व यह सुनिश्चित करेगा कि विधायी निकायों और नीति-निर्माण प्रक्रियाओं में महिलाओं की आवाज़ को उचित स्थान मिले। उनके अनुसार, महिलाओं की अधिक भागीदारी से विविध दृष्टिकोण सामने आएंगे, समावेशी निर्णय लेने की प्रक्रिया मजबूत होगी और संतुलित तथा सतत राष्ट्रीय विकास में योगदान मिलेगा।
वहीं, सिक्किम विधानसभा उपाध्यक्ष राजकुमारी थापा ने कहा कि संतुलित विकास हेतु महिला नेतृत्व वाला विकास आवश्यक है और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की अधिक भागीदारी से शासन व्यवस्था और मजबूत होगी।
उनके साथ, विधायक कला राई ने भी कहा कि परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में महिलाओं का समर्पण और योगदान लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं घर-परिवार संभालने से लेकर सामुदायिक और विकासात्मक गतिविधियों तक, हर स्तर पर योगदान देती हैं। इसलिए वे समग्र प्रगति के केंद्र में बनी रहती हैं। उन्होंने महिलाओं से एकजुट रहने और एक-दूसरे का समर्थन करने का आग्रह किया, और इस बात पर जोर दिया कि निरंतर प्रगति के लिए सामूहिक शक्ति और सहयोग आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान, श्रीमती कृष्णा राई के साथ सैकड़ों प्रतिभागियों ने पालजोर स्टेडियम में स्थापित ‘फोटो सिग्नेचर बूथ’ पर हस्ताक्षर करके ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ के प्रति अपना समर्थन जताया।
इसके अलावा, कार्यक्रम से इतर बातचीत में नाथांग-माचोंग की विधायक पामिन लेप्चा ने विधेयक के पारित होने के बावजूद वर्तमान में संसदीय चर्चा के अधीन होने की बात कहते हुए उम्मीद जताई कि जनगणना के बाद इसे जल्द ही लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने इस कानून को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि कार्यक्रम में महिलाओं की भारी उपस्थिति उनके उत्साह और आशावाद को दर्शाती है।
विधायक लेप्चा ने आगे कहा कि सिक्किम की महिलाएं पहले से ही खुद को सशक्त महसूस करती हैं और अनिवार्य नियम के तौर पर कम से कम 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान मिलने से यह भावना और भी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगा और आगामी चुनावों में सक्षम महिला नेताओं की अधिक भागीदारी की उम्मीद जगाता है। इस पहल के तहत, सिक्किम सरकार के सूचना व जनसंपर्क विभाग ने गूगल के माध्यम से एक डिजिटल भागीदारी अभियान भी शुरू किया है। इसके तहत, कल एक फॉर्म जारी किया गया था, जिससे नागरिकों को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ के लिए अपना समर्थन दर्ज कराने का मौका मिला।
इस प्लेटफॉर्म को जनता से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला और इसके शुरुआती चरण में 2684 सफल एंट्री दर्ज की गईं। प्रतिभागियों को इस अधिनियम के प्रति उनके समर्थन के तौर पर ई-सर्टिफिकेट जारी किए गए। इस मौके पर ग्रामीण विकास, पंचायती राज व सहकारिता मंत्री अरुण कुमार उप्रेती; विधायक; पूर्व विधायक; मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव; मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव (प्रेस व प्रचार मामले); प्रेस सचिव; सलाहकार एवं कई अन्य भी मौजूद थे।
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