पाकिम : अगले साल होने वाली जनगणना की तैयारी के लिए आज पाकिम जिला प्रशासनिक केंद्र में एक मीटिंग और ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर सिक्किम के जनगणना संचालन निदेशक कर्मा बोनपो ने जनगणना 2027 का अवलोकन प्रदान करते हुए इसके उद्देश्य, अहमियत, पद्धति और देश भर में होने वाली इस प्रक्रिया में शामिल खास हितधारकों की जिम्मेदारियों के बारे में बताया।
उन्होंने बताया कि राज्य में अंतिम जनगणना 2011 में हुई थी और 16 साल के अंतराल के बाद यह जनगणना होने जा रही है। इससे मिलने वाला सूचना केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर नीति निर्माण और विकास योजना के लिए एक जरूरी संसाधन का काम करता है।
निदेशक ने अधिकारियों को सेंसस एक्ट, 1948, सेंसस रूल्स, 1990 और सेंसस ऑपरेशन्स को नियंत्रित करने वाली दूसरे जरूरी दिशा-निर्देशों के प्रावधानों से खुद को परिचित कराने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से करें। उन्होंने आगे बताया कि भारत की जनगणना दो चरणों में पहली बार पूरी तरह डिजिटल तरीके से होगी। पहले चरण में 2026 में आवास सूची और जनगणना शामिल होगा, जिसमें घरों की हालत और घरेलू सुविधाओं पर फोकस किया जाएगा। सिक्किम में, पहला चरण 16 अप्रैल से 15 मई, 2026 तक करने का प्रस्ताव है। वहीं, दूसरा चरण 2027 में किया जाएगा।
बोनपो ने बताया कि इस काम में जीपीएस टैगिंग, कम कनेक्टिविटी वाले इलाकों में ऑफलाइन डेटा कलेक्शन, क्लाउड-बेस्ड डेटा अपलोडिंग, लगभग रियल-टाइम सुपरविजन एवं मॉनिटरिंग के लिए जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली जैसे डिजिटल उपकरण का इस्तेमाल किया जाएगा।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र के दौरान, सिक्किम के सहायक जनगणना संचालन निदेशक ने जिला स्तरीय अधिकारियों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को समझाते हुए एक विस्तृत प्रस्तुति में सेंसस फ्रेमवर्क का अवलोकन दिया। उन्होंने आवासों की सूची एवं जनगणना की मुख्य अवधारणा और संचालन प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार में बताया।
इसके साथ, सत्र डेटा संग्रह का तरीका, लेआउट मैप तैयार करना, बिल्डिंग और सेंसस आवास नंबरिंग और पूरा कवरेज सुनिश्चित करने हेतु जरूरी सिस्टमैटिक अप्रोच को कवर किया गया। वहीं, प्रतिभागियों को एचएलओ के दौरान पूछे जाने वाले सवालों के शेड्यूल के बारे में भी बताया गया। सत्र में स्थानीय स्तर पर अपनाई जाने वाले संचार रणनीति के बारे में भी बताया गया।
कार्यक्रम में डिजिटल प्रक्रिया को दिखाने के लिए एचएलओ के तहत सेल्फ एन्यूमरेशन पर एक सत्र भी किया गया। इस दौरान, पाकिम डीसी रोहन अगवाने, एडीसी पुलकित, एडीसी (मुख्यालय) सबिंद्र राई; एडीसी (विकास) सांगे ग्याछो भूटिया; एसडीएम (मुख्यालय) थेंडुप लेप्चा; एसडीएम डाकमन सुब्बा, रोंगली एसडीएम सुरेन कुमार प्रधान, डीएफओ (टी) एसपी भूटिया के साथ कई अन्य विभागीय अधिकारी भी शामिल हुए।
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