राज्य सरकार ने सभी क्षेत्रों में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित की : मंत्री राजू बस्नेत

पाकिम : लिंग आधारित भेदभाव एवं असमानताओं के बारे में आत्म-जागरुकता को बढ़ावा देते हुए एक सैद्धांतिक ढांचा स्थापित करने की दिशा में सिक्किम गवर्नमेंट कॉलेज के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल द्वारा आज कॉलेज में जेंडर सेंसिटाइजेशन पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसके उद्घाटन अवसर पर राज्य के शिक्षा, खेल और युवा मामलों के मंत्री और नामचेबुंग के विधायक राजू बस्‍नेत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर मंत्री बस्‍नेत ने जेंडर सेंसिटाइजेशन पर इतनी महत्वपूर्ण कार्यशाला के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि एक प्रगतिशील राज्य के रूप में सिक्किम ने लिंग भेदभाव कम कर लिंग समानता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार ने सभी क्षेत्रों में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न पहल की हैं, साथ ही लड़कियों और लड़कों दोनों के समग्र विकास का समर्थन किया है। ऐसी पहल संवैधानिक मूल्यों में निहित हैं जिनका उद्देश्य समानता, गरिमा और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।

मंत्री ने आगे कहा कि सिक्किम में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दूरदर्शी नीतियों के समर्थन से लड़की विभिन्न क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रही है। इस पर, उन्होंने बहिनी योजना को सिक्किम सरकार की एक अग्रणी पहल बताया, जो सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में छात्राओं को मुफ्त और सुरक्षित सैनिटरी पैड तक पूरी पहुंच सुनिश्चित करती है।

इसके साथ ही, मंत्री ने छात्रों को मुख्यमंत्री शिक्षा सहायता योजना जैसी सरकारी सहायता प्रणालियों के बारे में भी बताया, जो छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अपने शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने में सक्षम बनाती है। उन्होंने छात्रों से एक मजबूत और संतोषजनक करियर बनाने के लिए इन योजनाओं का प्रभावी ढंग से उपयोग करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव तेनजिंग किजोम ने उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक, व्यावसायिक और क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों को शुरू करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करते हैं और छात्रों को समकालीन चुनौतियों के लिए प्रासंगिक कौशल के साथ तैयार करने में योगदान करते हैं।

उच्च शिक्षा सचिव ने छात्रों के विकास को शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास से जोड़कर, फैकल्टी विकास के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने यह कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कॉलेज नेतृत्व को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी पहल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, एकेडमिक इनोवेशन और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

वहीं, सिक्किम गवर्नमेंट कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ शोभा शर्मा बशिष्ठ ने कॉलेज की शैक्षणिक प्रगति के बारे में बताया और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और छात्रों के लिए एकेडमिक जरूरतों के संबंध में अनुरोध किए। उन्होंने कॉलेज द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों और सेमिनारों की श्रृंखला पर भी प्रकाश डाला, और छात्र एक्सपोजर को बढ़ाने और नए एकेडमिक और प्रोफेशनल अवसर खोलने में उनकी भूमिका पर ज़ोर दिया।

कार्यक्रम में दो तकनीकी सत्र भी हुए। पहला सत्र शिलांग एमआईआईटी यूनिवर्सिटी के स्कूल मैनेजमेंट विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ मोनिका भाटिया ने आयोजित किया, जिन्होंने लिंग को एक सामाजिक संरचना के रूप में पेश करते हुए सामाजिक असमानताओं और कठोर लिंग मानदंडों और जेंडर-सेक्स के बीच अंतर से उत्पन्न चुनौतियों का विश्लेषण किया। वहीं, दूसरे सत्र में नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी, शिलांग के बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर प्रो. दिनेश भाटिया ने एक प्रस्तुति के माध्यम से व्यक्तिगत और व्यावसायिक भूमिकाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम में गवर्नमेंट कॉलेज रेनॉक के वाइस प्रिंसिपल संतोष पौड्याल, कॉलेज डीन सौरव प्रधान के साथ ही फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया।

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