गेजिंग : हेवन्ली निर्वाणापाथ साक्योंग शाखा के आयोजन एवं समन्वय में संचालित एक माह की संगीत प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन आज एक भव्य समारोह के साथ औपचारिक रूप से किया गया। आयोजक समिति ने बताया कि इस विशेष प्रशिक्षण का उद्देश्य शीतकालीन विद्यालय अवकाश का सदुपयोग करते हुए बच्चों में संगीत के प्रति रुचि विकसित करना, उनकी अंतर्निहित प्रतिभाओं की पहचान करना तथा सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देना था। यह कार्यक्रम हेवन्ली निर्वाणापाथ साक्योंग शाखा के निजी परिसर में आयोजित किया गया।
एक माह तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न गांवों, टोलों एवं विद्यालयों से आए छोटे-छोटे बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को शास्त्रीय संगीत, भजन गायन, ताल वाद्य, ड्रम, गिटार तथा लय की आधारभूत जानकारी दी गई।समापन समारोह का मुख्य आकर्षण प्रशिक्षार्थी बच्चों की सांगीतिक प्रस्तुतियां रहीं। बच्चों ने एक महीने में सीखे गए लोकगीत, समूहगान, वाद्य संगीत और एकल गायन को पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया। कुछ बच्चों ने एकल गीत प्रस्तुत किए, जबकि कई बच्चों ने समूहगान के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों एवं अतिथियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ बच्चों की खुले दिल से सराहना की।
समापन समारोह में विशेष अतिथि के रूप में सेमिंग गुरु उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने संगीत को आत्मशुद्धि, अनुशासन और शांति का माध्यम बताते हुए बच्चों को नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मा और मन को जोड़ने वाली एक पवित्र साधना है। उन्होंने यह भी कहा कि संगीत जीवन की वास्तविकताओं को समझने और परिभाषित करने में सहायक होता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरकारी ठेकेदार जामयांग कुंगा काजी थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक जागरण लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों को निरंतर सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि बच्चों को सही मार्गदर्शन देना ही समाज निर्माण की पहली नींव है। उन्होंने बदलते समय का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले माता-पिता कुदाल-फावड़ा संभालते थे, जबकि आज के बच्चे इंटरनेट और गूगल के साथ बड़े हो रहे हैं, इसलिए समयानुकूल मार्गदर्शन आवश्यक है। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य कृष्ण माया छेत्री, पंचायत सभापति केबी लिम्बू, स्थानीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, सामाजिक कार्यकर्ता, अभिभावक तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
आयोजक समिति की ओर से मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों को सम्मानित भी किया गया। सभी वक्ताओं ने प्रशिक्षण की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे आगामी वर्षों में भी जारी रखने का सुझाव दिया। हेवन्ली निर्वाणापाथ साक्योंग शाखा ने जानकारी दी कि भविष्य में संगीत के साथ-साथ नृत्य, चित्रकला और योग जैसे अन्य रचनात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षकों ने बच्चों की लगन और अनुशासन की सराहना करते हुए उनमें अपार संभावनाएं होने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में सभी सहभागी प्रशिक्षार्थी बच्चों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
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